धनबाद: प्रिन्स खान गैंग का अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क बेनकाब, ‘मेजर’ की गिरफ्तारी से चौंकाने वाले खुलासे

👉कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तारी के बाद खुला प्रिन्स खान गैंग का आतंकी कनेक्शन
👉दुबई से पाकिस्तान तक फैला नेटवर्क, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ाव के संकेत
👉वर्चुअल नंबर, हवाला और बिटकॉइन से चल रहा था रंगदारी रैकेट
👉100 से ज्यादा बैंक खातों के जरिए होती थी उगाही, ‘मेजर’ ने कबूले कई राज
धनबाद। जिले में लंबे समय से आतंक और रंगदारी का पर्याय बने कुख्यात प्रिन्स खान गैंग को लेकर पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। गैंग के अहम सदस्य सैयद अब्बास नकवी उर्फ ‘मेजर’ की गिरफ्तारी के बाद अपराध के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क और आतंकी कनेक्शन की परतें खुलने लगी हैं।
धनबाद के एसएसपी प्रभात कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि ‘मेजर’ को कोलकाता एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया गया। वह लंबे समय से रंगदारी, गोलीबारी, बमबाजी और धमकी के पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था। पूछताछ के दौरान उसने करीब तीन दर्जन आपराधिक मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है।
जांच में यह भी सामने आया है कि गैंग अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहा था। वर्चुअल नंबर के जरिए धमकी कॉल, हवाला नेटवर्क, बैंक ट्रांसफर और बिटकॉइन के माध्यम से रंगदारी की रकम विदेश भेजी जाती थी। पुलिस के अनुसार, दबाव बढ़ने पर गैंग का सरगना प्रिन्स खान दुबई से भागकर पाकिस्तान में शरण लिए हुए है, जहां उसका संपर्क प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़ने की बात सामने आई है।
‘मेजर’ ने पूछताछ में कई चर्चित मामलों—रंजीत सिंह हत्याकांड, नन्हें खान हत्या, उपेंद्र सिंह मर्डर केस समेत व्यवसायियों पर फायरिंग और बमबाजी की घटनाओं में गैंग की भूमिका स्वीकार की है। इसके अलावा, रंगदारी के पैसों के लेन-देन के लिए 100 से अधिक बैंक खातों का इस्तेमाल किए जाने का भी खुलासा हुआ है।
पूछताछ के दौरान ‘मेजर’ ने यह भी बताया कि प्रिन्स खान भीतर से बेहद भयभीत स्वभाव का है। उसने उदाहरण देते हुए कहा कि जेल में अमन सिंह की हत्या की खबर सुनते ही प्रिन्स खान बेहोश हो गया था और उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
एसएसपी प्रभात कुमार ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अब यदि कोई भी व्यक्ति प्रिन्स खान को पैसे भेजता है, तो उसे आतंकवाद को आर्थिक सहायता देने के रूप में माना जाएगा। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क, कथित सफेदपोश संपर्कों और गैंग से जुड़े अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।

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