बिना चालान खनिज ढुलाई पर सख्ती, अब लगेगा भारी जुर्माना

👉अवैध खनन पर झारखंड सरकार का कड़ा प्रहार, 5 लाख तक जुर्माना
👉बिना ई-चालान खनिज परिवहन अब नहीं, नए नियम 2026 लागू
👉ट्रैक्टर से डंपर तक तय हुआ जुर्माना, अवैध ढुलाई पर शिकंजा
रांची:
झारखंड सरकार ने राज्य में अवैध खनन, परिवहन और भंडारण पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाते हुए झारखंड खनिज (अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) संशोधन नियमावली-2026 लागू कर दी है। नई नियमावली के तहत बिना अनुमति खनन, परिवहन या भंडारण करने वालों पर भारी जुर्माने का प्रावधान किया गया है।
नियमों के अनुसार, बिना वैध चालान खनिज ढोने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली पर 50 हजार रुपये, मेटाडोर पर एक लाख रुपये, छहपहिया ट्रक पर दो लाख रुपये और डंपर या भारी मशीनों पर अधिकतम पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। सरकार का मानना है कि इससे अवैध खनन और खनिज तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
नये प्रावधानों के तहत अब किसी भी खनिज के परिवहन के लिए जिम्स (JIMS) पोर्टल से जारी ई-चालान अनिवार्य कर दिया गया है। बिना चालान के परिवहन या भंडारण करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही खनिज कारोबार से जुड़े डीलरों के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सभी डीलरों को निर्धारित समय पर मासिक रिटर्न जमा करना होगा। रिटर्न समय पर जमा नहीं करने पर प्रतिदिन 25 रुपये का जुर्माना लगेगा, जो अधिकतम 2500 रुपये तक सीमित रहेगा।
इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति किसी अधिकारी के आदेश से असंतुष्ट है, तो वह 30 दिनों के भीतर संबंधित अपीलीय प्राधिकारी के समक्ष अपील कर सकता है।
सरकार को उम्मीद है कि इन संशोधनों से राज्य में अवैध खनन और खनिज के अवैध कारोबार पर लगाम लगेगी और राजस्व में भी वृद्धि होगी।

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