झारखंड पुलिस में अनुशासन पर कड़ा पहरा: बिना अनुमति मुख्यालय छोड़ने पर रोक

👉डीजीपी का सख्त आदेश: अब बिना सूचना नहीं छोड़ सकेंगे मुख्यालय अधिकारी
👉आपात हालात में जवाबदेही तय करने की पहल, वरिष्ठ अधिकारियों पर नई पाबंदी
👉झारखंड पुलिस में नई गाइडलाइन लागू, एडीजी से एसपी तक को पूर्व सूचना जरूरी
👉मुख्यालय से गायब रहने पर लगेगी लगाम, डीजीपी ने जारी किए कड़े निर्देश
रांची: झारखंड पुलिस में अनुशासन और जवाबदेही को मजबूत करने के लिए बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया गया है। पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अब कोई भी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी बिना पूर्व अनुमति अपने मुख्यालय को नहीं छोड़ सकेगा।
पुलिस मुख्यालय को लगातार ऐसी शिकायतें मिल रही थीं कि कई जिलों के एसपी और वाहिनी कमांडेंट बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के रांची या अन्य स्थानों पर चले जाते हैं। इससे आपात स्थिति या कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई प्रभावित होती है और संबंधित अधिकारी मुख्यालय में उपलब्ध नहीं मिलते।
इस स्थिति को गंभीर मानते हुए मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है। नए आदेश के तहत एडीजी, आईजी, डीआईजी, एसपी और कमांडेंट स्तर के सभी अधिकारियों को डीजीपी को पूर्व सूचना देना अनिवार्य कर दिया गया है। बिना अनुमति वे न तो मुख्यालय छोड़ सकेंगे और न ही किसी अन्य स्थान पर भ्रमण कर पाएंगे।
इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य पुलिस प्रशासन में अनुशासन को सुदृढ़ करना और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत एवं प्रभावी प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने मुख्यालय में उपलब्ध रहें और हर परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए तैयार रहें।
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