इंसानियत की मिसाल: सड़क हादसे में घायल बच्चों के लिए फरिश्ता बने हरेंद्र चौहान

👉मानवता जिंदा है: हरेंद्र चौहान ने घायल बच्चों को दी 45 हजार की मदद
👉दर्दनाक हादसे में आगे आए हरेंद्र चौहान, बच्चों का कराया इलाज
👉लोयाबाद में इंसानियत की जीत, जरूरतमंद परिवार के लिए सहारा बने चौहान
👉पद नहीं, सेवा बड़ी: हरेंद्र चौहान के नेक कदम की हर ओर चर्चा
लोयाबाद/धनबाद:
आज के दौर में जहां लोग अक्सर हादसों को नजरअंदाज कर आगे बढ़ जाते हैं, वहीं लोयाबाद के जेएमएम नगर उपाध्यक्ष हरेंद्र चौहान ने इंसानियत की एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसकी पूरे इलाके में सराहना हो रही है।
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम हरेंद्र चौहान अपने परिवार के साथ तारापीठ मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। इसी दौरान जारीडीह के पास सड़क पर लंबा जाम लगा हुआ था। जब उन्होंने रुककर स्थिति का जायजा लिया, तो सामने एक हृदयविदारक दृश्य था—एक आदिवासी परिवार के तीन मासूम बच्चे सड़क दुर्घटना में घायल पड़े थे और उनके परिजन इलाज के लिए मदद की गुहार लगा रहे थे।
यह मंजर देखकर हरेंद्र चौहान का दिल पसीज गया। बिना समय गंवाए उन्होंने मौके पर ही 45 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की और बच्चों के इलाज की व्यवस्था सुनिश्चित कराई। उनकी इस त्वरित मदद से न सिर्फ बच्चों के इलाज का रास्ता साफ हुआ, बल्कि परिजनों को भी बड़ी राहत मिली।
घटना के बाद परिवार ने भावुक होकर उन्हें आशीर्वाद दिया और कहा कि ऐसे लोग ही भगवान का रूप होते हैं। वहीं, मौके पर मौजूद लोगों ने भी इस मानवीय पहल की जमकर सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक बताया।
गौरतलब है कि हरेंद्र चौहान, धनबाद के डिप्टी मेयर अरुण चौहान के बड़े भाई हैं। बावजूद इसके, उन्होंने यह साबित कर दिया कि असली पहचान पद या प्रतिष्ठा से नहीं, बल्कि मानवता और संवेदनशीलता से बनती है।
यह घटना सिर्फ मदद की एक कहानी नहीं, बल्कि समाज के लिए एक आईना है—जो यह सिखाती है कि जरूरतमंद की सहायता के लिए आगे बढ़ना ही सच्ची इंसानियत है।

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