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खेत में मिले हाथी के दांत को बेचने की साजिश नाकाम, 3 आरोपी गिरफ्तार

4 साल तक घर की दीवार में छिपाकर रखा था हाथी का दांत, डीएनए जांच के लिए देहरादून भेजा जाएगा

 

गरियाबंद

उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व की एंटी पोचिंग टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगली हाथी के दांत की अवैध तस्करी की साजिश का खुलासा किया है। सिहार, कठवा और कुल्हाड़ीघाट क्षेत्र से जुड़े इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी फरार है।

मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी पदमन कमार (निवासी कुल्हाड़ीघाट) ने हाथी के टूटे दांत को पिछले 4 वर्षों से अपने घर की दीवार में चिनवाकर छिपा रखा था। यह दांत करीब 5 वर्ष पूर्व खेत में मिलने की बात कही जा रही है, हालांकि इसकी सत्यता संदिग्ध मानते हुए जांच जारी है।

जांच में सामने आया कि आरोपी सुखचंद नेताम (ग्राम कठवा) ने यह हाथी दांत वर्ष 2021 में सिहार (मैनपुर) निवासी गंगाराम से लिया था। उल्लेखनीय है कि गंगाराम की मृत्यु सितम्बर 2022 में हाथी-मानव द्वंद्व में हो गई थी।

वन विभाग को गोपनीय सूचना मिलने पर 20 मार्च 2026 को सहायक वन संरक्षक के निर्देश पर टीम गठित कर कुल्हाड़ीघाट स्थित पदमन के घर में विधिवत तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान हाथी का एक दांत (लंबाई 10 सेमी), दो धनुष, 12 तीर, गुलेल, जंगली सुअर का दांत व बाल समेत अन्य सामग्री बरामद की गई।

इस मामले में पुसऊराम (ग्राम सिहार) और सुखचंद नेताम (ग्राम कठवा) को वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 की विभिन्न धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय राजिम में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुसऊराम पहले भी सांभर शिकार मामले में आरोपी रह चुका है और जमानत पर बाहर था।

फरार आरोपी पदमन की तलाश जारी है, जिसे जल्द गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया जाएगा।

बरामद हाथी दांत के सैंपल को डीएनए जांच हेतु भारतीय वन्यजीव संस्थान, देहरादून भेजा जा रहा है, जिससे इसकी पुष्टि की जा सके।

इस पूरी कार्रवाई में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व के अधिकारियों, एंटी पोचिंग टीम, डॉग स्क्वॉड और वन अमले का सराहनीय योगदान रहा।

Dhamtari Chhattisgarh News @ Reporter THARUN KUMAR NISHAD

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