थाने से गायब जब्त बाइक ने खड़े किए सवाल, राजगंज पुलिस पर गंभीर आरोप

👉राजगंज थाना से गायब जब्त बाइक, पीड़ित को दी गई दूसरी गाड़ी लेने की सलाह
👉थाने की कस्टडी से बाइक गायब, पुलिस पर लापरवाही या साजिश का आरोप
👉धनबाद में चौंकाने वाला मामला: जब्त बाइक नहीं मिली, पुलिस पर उठे सवाल
👉आठ महीने बाद बाइक लेने पधनबाद | जिले के राजगंज थाना से जुड़ा एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जिसने पुलिस की कार्यप्रणाली और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सड़क दुर्घटना के बाद जब्त की गई एक बाइक थाना परिसर से ही रहस्यमय तरीके से गायब हो गई। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि बाइक मांगने पर पुलिस ने उन्हें दूसरी बाइक ले जाने तक की बात कह दी।
बरवाअड्डा थाना क्षेत्र के बृजपुर मंडलाडीह निवासी मटन प्रसाद महतो, जो डीजीएमएस संस्थान में निजी सहायक हैं, ने इस मामले की शिकायत ग्रामीण एसपी कपिल चौधरी से की है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और अपनी बाइक की बरामदगी की मांग की है।
👉दुर्घटना के बाद पुलिस ने जब्त की थी बाइक
पीड़ित के अनुसार, 21 जुलाई 2025 को खरनी मोड़ के पास एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी बाइक (संख्या JH10 CE-5021) को टक्कर मार दी थी, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। घटना के बाद पुलिस ने बाइक और ट्रैक्टर को जब्त कर राजगंज थाना ले जाने की बात कही थी। इस संबंध में कांड संख्या 71/2025 दर्ज किया गया था।
👉आठ महीने बाद पहुंचे तो गायब मिली बाइक
करीब आठ महीने तक इलाज कराने के बाद जब मटन प्रसाद महतो अपनी बाइक लेने थाना पहुंचे, तो वहां उनकी बाइक मौजूद नहीं थी। आरोप है कि पहले पुलिस ने बाइक के थाना में होने से ही इनकार कर दिया।
👉“दूसरी बाइक ले लो” — पीड़ित का आरोप
पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने अपनी बाइक की मांग की, तो थाना कर्मियों ने उन्हें दूसरी बाइक लेने का सुझाव दिया। हालांकि, उन्होंने इसे ठुकराते हुए अपनी ही बाइक वापस देने की मांग की।
👉ग्रामीण एसपी को सौंपा आवेदन
मटन प्रसाद महतो ने ग्रामीण एसपी को लिखित आवेदन देकर मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि जब बाइक पुलिस की कस्टडी में थी, तो उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी भी पुलिस की ही बनती है।
👉थाना प्रभारी ने आरोपों से किया इनकार
वहीं, राजगंज थाना प्रभारी अलीशा कुमारी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि “ऐसी कोई बात नहीं है” और मामले की जांच की जा रही है।
यह मामला केवल एक बाइक के गायब होने तक सीमित नहीं है, बल्कि आम जनता के पुलिस पर भरोसे और व्यवस्था की पारदर्शिता से भी जुड़ा हुआ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।



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