ब्रेकिंग न्यूज़

वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद में इन दिनों पारदर्शिता, वित्तीय प्रबंधन और छात्र सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

*छात्र नेता संस्कार सोनी का वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद मे बड़ा प्रहार,महाविद्याल कि पारदर्शिता पर उठे गंभीर सवाल, ट्रिप राशि और छात्र समस्याओं को लेकर हंगामा तेज*

वीरांगना रानी दुर्गावती शासकीय महाविद्यालय बहोरीबंद में इन दिनों पारदर्शिता, वित्तीय प्रबंधन और छात्र सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ओबीसी महासभा छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष एवं छात्र नेता संस्कार सोनी ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जानकारी समय-सीमा में उपलब्ध न कराए जाने पर कड़ा रुख अपनाया है।

संस्कार सोनी द्वारा दिनांक 09 जनवरी 2026 को स्पीड पोस्ट क्रमांक EI731147022IN के माध्यम से जन सूचना अधिकारी को आरटीआई आवेदन भेजा गया था, जो डाक विभाग की ट्रैकिंग के अनुसार 13 जनवरी 2026 को महाविद्यालय में प्राप्त हो चुका था। आवेदन में वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक की आय-व्यय विवरणी, बैलेंस शीट, ऑडिट रिपोर्ट, नियुक्ति प्रक्रिया, चयन सूची, टेंडर/कोटेशन, खरीदी से संबंधित दस्तावेज तथा स्वीकृत एवं रिक्त पदों की जानकारी मांगी गई थी।
सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 7(1) के अनुसार 30 दिनों के भीतर जानकारी देना अनिवार्य है, किंतु निर्धारित समय-सीमा बीत जाने के बाद भी कोई सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बाद संस्कार सोनी ने धारा 19(1) के अंतर्गत प्रथम अपील स्पीड पोस्ट क्रमांक EI708767764IN के माध्यम से दायर कर दी है।

🎓 शैक्षणिक ट्रिप की राशि पर उठे सवाल
19 जनवरी 2026 को आयोजित महाविद्यालय की शैक्षणिक ट्रिप को लेकर भी सवालों का दौर शुरू हो गया है। सूचना के अनुसार छात्रों को भेड़ाघाट, मदनमहल किला, डुमना नेचर रिजर्व पार्क, बरगी बांध, गौरीघाट, कचनार सिटी, तिलवारा घाट एवं चौंसठयोगिनी मंदिर भ्रमण पर ले जाया गया था। प्रत्येक छात्र से ₹400 की राशि ली गई थी।
संस्कार सोनी ने मांग की है कि ट्रिप में शामिल विद्यार्थियों की कुल संख्या, एकत्रित राशि, व्यय का विस्तृत विवरण एवं संबंधित प्रशासनिक स्वीकृतियां सार्वजनिक की जाएं, ताकि आर्थिक पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।
🚰 स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर लापरवाही का आरोप
कॉलेज परिसर की साफ-सफाई, शौचालयों की स्वच्छता, पानी की टंकी एवं वाटर कूलर की नियमित सफाई को लेकर पूर्व में दिए गए ज्ञापन पर अब तक ठोस कार्रवाई न होने का आरोप भी लगाया गया है। उनका कहना है कि स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं में लापरवाही छात्रों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।

📄 छोटी औपचारिकताओं में छात्रों को परेशान करने का आरोप
संस्कार सोनी ने यह भी मुद्दा उठाया कि जब छात्रों से दस्तावेज मांगे जाते हैं और एक-दो फोटो कॉपी कम रह जाती है, तो उन्हें पुनः बाहर भेज दिया जाता है, जबकि महाविद्यालय परिसर में प्रिंटर उपलब्ध है। लगभग 90 प्रतिशत छात्र-छात्राएं स्टैंड से महाविद्यालय तक 3-4 किलोमीटर पैदल पहुंचते हैं। ऐसे में बार-बार बाहर भेजना छात्रों के समय और श्रम का अनावश्यक नुकसान है।

⚖️ “लड़ाई पारदर्शिता और छात्र अधिकारों की” — संस्कार सोनी
संस्कार सोनी ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि महाविद्यालय में पारदर्शिता, जवाबदेही और छात्र हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि नियमानुसार जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जाती है तो वे राज्य सूचना आयोग में द्वितीय अपील प्रस्तुत करेंगे।
अब सवाल यह है कि कॉलेज प्रशासन इन गंभीर आरोपों पर क्या रुख अपनाता है। पूरे छात्र समुदाय की निगाहें आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

Katni Madhya Pradesh News @ Repoter Shivcharan yadav

Indian Crime News

Related Articles

Back to top button