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पश्चिम बंगाल में वोटर लिस्ट SIR पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा निर्देश, 10वीं का प्रवेश पत्र पूरक पहचान दस्तावेज के रूप में मान्य

👉SIR विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 10वीं एडमिट कार्ड को मिला पूरक दस्तावेज का दर्जा

👉वोटर लिस्ट रिवीजन पर शीर्ष अदालत सख्त, 80 लाख दावों के निपटारे को न्यायिक अधिकारियों की तैनाती

👉पश्चिम बंगाल SIR मामले में सुप्रीम कोर्ट का स्पष्टीकरण, एडमिट कार्ड अकेला नहीं होगा पूर्ण पहचान प्रमाण

👉मतदाता सूची पुनरीक्षण पर बड़ा फैसला, 250 जिला जजों सहित झारखंड-ओडिशा के अधिकारी होंगे तैनात

नई दिल्ली। Supreme Court of India ने पश्चिम बंगाल में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर जारी विवाद के बीच अहम स्पष्टीकरण दिया है। अदालत ने साफ किया है कि माध्यमिक (कक्षा 10) का प्रवेश पत्र पहचान के लिए पूर्ण दस्तावेज नहीं होगा, बल्कि इसे मान्य प्रमाणपत्रों के साथ पूरक दस्तावेज के रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

मुख्य न्यायाधीश Surya Kant, न्यायमूर्ति Joymalya Bagchi और न्यायमूर्ति Vipul M. Pancholi की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता डीएस नायडू द्वारा मामले का उल्लेख किए जाने के बाद यह आदेश पारित किया।

वरिष्ठ अधिवक्ता ने अदालत के समक्ष यह चिंता जताई थी कि क्या 10वीं के प्रवेश पत्र को अपने आप में पूर्ण पहचान दस्तावेज के रूप में स्वीकार किया जा सकता है। इस पर पीठ ने स्पष्ट किया कि पूर्व आदेश में ही कहा जा चुका है कि प्रवेश पत्र केवल पूरक दस्तावेज होगा।

अदालत ने 24 फरवरी 2026 के अपने आदेश के अनुच्छेद 3(3) का उल्लेख करते हुए निर्देश दिया कि 15 फरवरी से पहले प्राप्त और अब तक अपलोड नहीं किए गए सभी दस्तावेजों को निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों एवं सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा निर्धारित समयसीमा के भीतर पीठासीन न्यायिक अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाए।

पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि अनुच्छेद 3(3)(सी) के तहत माध्यमिक (कक्षा 10) के प्रवेश पत्र को जन्म प्रमाण पत्र और पारिवारिक पहचान संबंधी मान्य दस्तावेजों के साथ प्रस्तुत किया जा सकता है।

साथ ही, अदालत ने पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने की आशंका से जुड़े करीब 80 लाख दावों और आपत्तियों के निपटारे के लिए 250 जिला जजों के अलावा झारखंड और ओडिशा से न्यायिक अधिकारियों की तैनाती की अनुमति दी है।

इस आदेश को मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

Dhanbad Jharkhand News @ Bureau Chief Mithilesh pandey

Indian Crime News

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