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फायलेरिया संक्रमित मच्छर क्यूलेक्स के द्वारा फैलने वाली बीमारी फायलेरिया लक्षण और बचाव

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे पी नड्डा ने 12 राज्यों के 124 जिलों के लिए ‘मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए) अभियान 2026’ का नई दिल्ली से वर्चुअल शुभारंभ किया। उन्होंने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से अपील की कि वे प्रशासनिक और राजनीतिक नेतृत्व, सांसद, विधायक, पंचायत प्रतिनिधियों और जिला परिषद सदस्य सहित सभी स्तरों पर समन्वित प्रयास करें। उन्होंने कहा कि दवा का सेवन केवल वितरण तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रत्येक पात्र नागरिक तक यह सुनिश्चित करना आवश्यक है कि दवा पूरी मात्रा में ली जाए। उन्होंने राज्यों से अपील की कि वे अभियान के दौरान सभी आवश्यक संसाधनों और जागरूकता गतिविधियों को सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि हर नागरिक की भागीदारी और दवा का समय पर सेवन ही इस गंभीर रोग को समाप्त करने की कुंजी है। उन्होंने कहा कि यह अभियान लसीका फाइलेरिया उन्मूलन रणनीति का अहम घटक है। उप मुख्यमंत्री सहित 12 राज्य के स्वास्थ्य मंत्रियों, विभागीय अधिकारियों ने वर्चुअल सहभागिता की। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश में इस अभियान को 8 जिलों छतरपुर, पन्ना, उमरिया, मऊगंज, टीकमगढ़, निवाड़ी, शहडोल और भिंड के 12 ब्लॉकों में संचालित किया जाएगा। अपील की है कि वे नागरिक स्वयं दवा का सेवन करें, अपने परिवार जन और पड़ोसियों को जागरूक करें और स्वयंसेवक के रूप में अभियान में सक्रिय सहयोग दें। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज़ क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया इस अभियान में सामुदायिक नेतृत्व और पंचायतों की भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रदेश में 8 जिलों के 12 चिन्हित विकासखण्डों में प्रशिक्षित दवा सेवकों के माध्यम से बूथ डे एवं घर-घर फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन पात्र हितग्राहियों को कराया जाएगा। एमडीए के सघन और सफल क्रियान्वयन करने हेतु स्वास्थ्य विभाग द्वारा 15 दिन का माइक्रोप्लान तैयार किया गया है। इसके तहत 4 दिन बूथ स्तर पर, 7 दिन घर-घर अभियान और 4 दिन में शेष रह गई जनता के लिए मॉप-अप गतिविधि की जायेंगी। शत-प्रतिशत दवा सेवन के लिए उच्च/वर्तमान संचरण क्षेत्रों में आमजन को जागरूक और प्रेरित किया जाएगा। फायलेरिया संक्रमित मच्छर (क्यूलेक्स) के द्वारा फैलने वाली बीमारी है। यह बीमारी एक धागे के समान कृमि वुचरेरिया बेनक्रफ्टाई से होती है। प्रदेश में फायलेरिया बीमारी संक्रमण हेतु क्यूलेक्स क्वींक्वीफेसियेटस प्रमुख वाहक मच्छर है। यह मच्छर सामान्यतः गंदे एवं रूके हुए पानी में प्रजनन करता है। फायलेरिया बीमारी के प्रमुख लक्षण प्रारंभिक अवस्था में लगातार बुखार, प्रभावित अंगों पैरों,हाथ,अण्डकोष,स्तन में दर्द एवं सूजन है, जो कि धीरे-धीरे हाथी पांव के समान हो जाती है। संक्रमण के 8 से 10 वर्षों के बाद भी उपरोक्त लक्षण प्रकट हो सकते है। राष्ट्रीय फायलेरिया उन्मूलन हेतु मॉस ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (एमडीए), मोर्बिडिटी मैनेजमेंट ऐंड डिसेबिलिटी प्रिवेंशन (एमएमडीपी) गतिविधियाँ की जा रही हैं। एमडीए में प्रत्येक वर्ष में 1 बार 2 साल से अधिक उम्र (2 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती माताओं एवं गंभीर रूप से बीमार व्यक्तियों को छोड़कर) के जनसमुदाय को निर्धारित मात्रा में डी.ई.सी एवं एल्बेण्डाजोल दवा का सेवन कराया जाता है।

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