*एसआईआर में तार्किक विसंगतियों से बढ़ी बीएलओ की चुनौती*

एसआईआर में तार्किक विसंगतियों से बढ़ी बीएलओ की चुनौती
उम्र, नाम और पते में अंतर पर जारी होंगे नोटिस, एईआरओ करेगा अंतिम फैसला

चकरनगर:लोकसभा व विधानसभा की मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) में सामने आ रही तार्किक विसंगतियों ने बूथ लेवल अधिकारियों की चुनौतियां बढ़ा दी हैं।

गुरुवार को तहसील सभागार में दो पालियों में आयोजित समीक्षा बैठक में एसडीएम ब्रह्मानंद कठेरिया और तहसीलदार विष्णुदत्त मिश्रा ने प्रगति की समीक्षा की। एसडीएम ने बताया कि जिन मामलों में मतदाता के नाम, माता-पिता के विवरण, उम्र या पते में अंतर पाया जा रहा है, वहां संबंधित मतदाताओं को नोटिस जारी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि नोटिस की सुनवाई बीएलओ स्वयं करेगा और वैध दस्तावेज अपलोड करेगा। इसके बाद बीएलओ द्वारा ईआरओ व एईआरओ को ऑनलाइन रिपोर्ट भेजी जाएगी, जबकि अंतिम निर्णय एईआरओ स्तर से लिया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पारदर्शिता और शुद्धता के साथ सूची दुरुस्त करना प्राथमिकता है।
तहसीलदार विष्णु दत्त मिश्रा ने बताया कि कई मतदाताओं ने एसआईआर फॉर्म में माता-पिता, दादा-दादी और नाना-नानी से संबंधित विवरण भरे हैं, लेकिन दी गई सूचनाओं में कई तरह की विसंगतियां मिल रही हैं। कुछ मामलों में पिता और मतदाता की उम्र में 13 से 15 वर्ष का अंतर दर्ज है, जो 22 साल बाद हो रहे पुनरीक्षण में सवाल खड़े करता है। ऐसे मामलों में दोबारा सत्यापन कराया जा रहा है। कई चौकाने वाली
तार्किक विसंगतियों की खुलासों के चलते बीएलओ पर कार्यभार बढ़ गया है। प्रशासन का कहना है कि त्रुटिरहित मतदाता सूची सुनिश्चित करने के लिए हर संदिग्ध प्रविष्टि की गहन जांच की जाएगी, ताकि योग्य मतदाता का नाम न छूटे और अपात्र प्रविष्टियां हट सकें।


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