मधुमक्खी पालन विषय पर 7 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ संपन्न
जिला रिपोर्टर प्रदीप कुमार वर्मा गोण्डा उत्तर प्रदेश
मधुमक्खी पालन विषय पर 7 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम हुआ संपन्न
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय कुमारगंज, अयोध्या के कृषि विज्ञान केंद्र, मनकापुर, गोंडा-ll
पर सात दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न हुआ जिसका विषय- वैज्ञानिक विधि से मधुमक्खी पालन
प्रशिक्षण 30 जनवरी 2026 से 5 फरवरी 2026 तक आयोजित किया गया उपरोक्त कार्यक्रम केंद्र पर चल रही राष्ट्रीय मधुमक्खी बोर्ड की मिनि-1 परियोजना के अंतर्गत संपन्न कराया गया प्रशिक्षण में जनपद के विभिन्न विकासखण्डो से आए हुए कृषकों ने प्रतिभाग किया तथा मधुमक्खी पालन से संबंधित समस्त जानकारी प्राप्त की
परियोजना के मुख्य अन्वेषक डॉ हनुमान प्रसाद पांडे ने बताया कि किसान खेती के साथ-साथ कृषि के विभिन्न आयामों को अपना कर अपनी आय मे वृद्धि कर सकता है इसी परिपेक्ष में मधुमक्खी पालन विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया क्योंकि हमारे जनपद में तिलहनी फसले बहुतायत क्षेत्र में उगाई जाती हैं जहां पर मधुमक्खी पालन किसने की आय बढ़ाने के साथ-साथ फसलों में परागण की क्रिया को अच्छा करने में मददगार साबित होती हैं जिससे तिलहनी फसलों का उत्पादन 15 से 20% तक बढ़ जाता है ऐसे में किसान भाई तिलहनी फसलों की खेती के साथ-साथ मधुमक्खी पालन का यदि आयाम अपने साथ लेकर चलेंगे तो दोनों तरफ से आय में वृद्धि अवश्य होगी केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ एस के वर्मा जी ने बताया कि हमारे केंद्र के द्वारा जनपद के आठ विकासखण्डो में 100 हैक्टेयर सरसों का प्रदर्शन विभिन्न ग्रामों में लगा हुआ है किसान भाई फसल के अच्छे उत्पादन के लिए
मधुमक्खी पालन अपनाकर उत्पादन के साथ-साथ आए में भी वृद्धि कर सकते हैं
केंद्र के वैज्ञानिक डॉ अजीत सिंह वत्स जी ने मधुमक्खी की विभिन्न प्रजातियों का रहन-सहन, भोजन इत्यादि विषय पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की केंद्र के वैज्ञानिक डॉ मनोज सिंह ने बताया कि मधुमक्खी पालन उद्यान की फसलों के लिए कितना लाभदायक है साथ ही साथ उद्यान की फसले मधुमक्खियां के भोजन के लिए कितना आवश्यक है केंद्र के वैज्ञानिक डॉ डीके श्रीवास्तव जी ने बताया की विभिन्न मौसम में मधुमक्खियों को कृषक बंधु किन-किन फसलों अथवा बागानों के समीप ले जाना चाहिए, डॉ ज्ञानदीप गुप्ता जी ने बताया कि कृषक बंधु मधुमक्खी पालन को अपने स्वरोजगार के लिए कैसे अपना सकते हैं साथ ही साथ मधुमक्खियां से शहद के अतिरिक्त क्या-क्या प्रोडक्ट तैयार कर सकते हैं
किसानों को प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षण किट (बैग, पेन इत्यादि) प्रशिक्षण के अंतिम दिवस पर प्रशिक्षण प्रमाण पत्र मधुमक्खी कैप एवं दस्ताना निशुल्क वितरित किया गया
उपरोक्त प्रशिक्षण में श्री बाबूराम यादव जी, राजेश वर्मा, रामसागर वर्मा, सुक्कू समेत कुल 25 कृषकों ने प्रतिभाग किया


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