वार्ड-1 में मधुमाला का जनसंपर्क अभियान तेज, समर्थकों की भीड़ से चुनावी माहौल गरमाया
👉वार्ड-1 में मधुमाला की बढ़ती सक्रियता, विरोधी प्रत्याशी अब तक सुस्त
👉डोर-टू-डोर प्रचार से मधुमाला ने पकड़ी रफ्तार, समर्थकों में जबरदस्त उत्साह
👉मधुमाला के प्रचार अभियान से वार्ड-1 में चुनावी सरगर्मी तेज
👉समर्थकों की ताकत के सहारे चुनावी मैदान में उतरी मधुमाला
कतरास: नगर निकाय चुनाव को लेकर क्षेत्र में सियासी हलचल तेज हो गई है। चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी कर रहे प्रत्याशी लगातार सक्रिय नजर आ रहे हैं। इसी क्रम में वार्ड संख्या एक से पार्षद पद की दावेदार मधुमाला ने अपने चुनाव प्रचार को तेज करते हुए डोर-टू-डोर जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। उनके प्रचार अभियान में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं की भी भारी भागीदारी देखने को मिल रही है, जिससे चुनावी माहौल पूरी तरह गरमा गया है।
जनसंपर्क के दौरान मधुमाला को मिल रहा जनसमर्थन उनके समर्थकों में जबरदस्त उत्साह भर रहा है। प्रचार अभियान में समर्थकों की सक्रियता इतनी अधिक है कि ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो समर्थक स्वयं चुनाव लड़ रहे हों। स्थानीय लोगों का कहना है कि मधुमाला के प्रति जनता का लगाव उनके सामाजिक कार्यों का परिणाम है।
मधुमाला का कहना है कि यह चुनाव केवल उनका नहीं बल्कि पूरे वार्ड की जनता का चुनाव है। उन्होंने बताया कि कोरोना काल के दौरान जब कई जनप्रतिनिधि घरों में सीमित हो गए थे, उस समय उन्होंने और उनके पति डॉ. स्वतंत्र कुमार उर्फ डॉ. डब्लू ने जरूरतमंद लोगों तक पहुंचकर राशन सहित अन्य आवश्यक मदद उपलब्ध कराई। इसी दौरान लोगों से उनका जुड़ाव बढ़ा और क्षेत्र की समस्याओं को लेकर वे लगातार सक्रिय रहीं।
मधुमाला ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में उन्होंने निगम और प्रशासनिक अधिकारियों से समन्वय कर कई स्ट्रीट लाइट और हाई मास्ट लाइट लगवाने, सड़कों की मरम्मत कराने तथा बिजली के खंभे लगवाने जैसे कार्य कराए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की जनता के आग्रह पर ही उन्होंने चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है।
वहीं दूसरी ओर, वार्ड संख्या एक में जहां मधुमाला अपने समर्थकों के साथ जोर-शोर से प्रचार अभियान चला रही हैं, वहीं अन्य संभावित प्रत्याशी अब तक खुलकर मैदान में नहीं उतर पाए हैं। चुनावी प्रक्रिया शुरू होने के कई दिन बाद भी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि अन्य कितने उम्मीदवार नामांकन पत्र खरीद चुके हैं।
मधुमाला के समर्थक अनुराग बजरंगी ने दावा किया कि मधुमाला की लोकप्रियता से विरोधी प्रत्याशी दबाव में हैं। उन्होंने कहा कि मधुमाला को मिल रहे व्यापक जनसमर्थन से विरोधी अब चुनाव जीतने की बजाय हार के अंतर का अनुमान लगाने में लगे हुए हैं।
ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि वार्ड संख्या एक से कितने प्रत्याशी चुनाव मैदान में उतरते हैं और अंततः जीत का ताज किसके सिर सजता है।



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