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कतरास कॉलेज की अव्यवस्था पर भड़कीं जिप अध्यक्ष शारदा सिंह, बोलीं– कुलपति और राज्यपाल तक पहुंचाऊंगी मामला

👉अनशनरत छात्रों से मिलीं जिप अध्यक्ष, कॉलेज की बदहाली देख जताई नाराजगी

👉शिक्षिका से दुर्व्यवहार का मामला: कतरास कॉलेज बना सियासी अखाड़ा

👉छात्रों के भविष्य से हो रहा खिलवाड़, बर्दाश्त नहीं: शारदा सिंह

👉मांगें पूरी नहीं हुईं तो फिर होगा आंदोलन: अभाविप

धनबाद | कतरास :

कतरास महाविद्यालय इन दिनों छात्र संगठनों के आंदोलन और आरोप-प्रत्यारोप के कारण चर्चा में है। एक शिक्षिका के साथ कथित दुर्व्यवहार और कॉलेज में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) 27 जनवरी से कॉलेज के मुख्य भीतरी द्वार पर तालाबंदी कर अनिश्चितकालीन धरना व अनशन पर बैठी थी। छात्रों ने कुल छह मांगें कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखी थीं।

नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद क्षेत्र में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई, जिसके चलते जिला प्रशासन के निर्देश पर बाघमारा बीडीओ लक्ष्मण यादव और कतरास थाना प्रभारी असित कुमार सिंह अनशन स्थल पर पहुंचे। दोनों अधिकारियों ने छात्रों से वार्ता कर सकारात्मक आश्वासन दिया और अनशनकारी शुभम हजारी सहित अन्य छात्रों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त कराया।

इसी क्रम में अनशनरत छात्र-छात्राओं का हालचाल लेने जिला परिषद अध्यक्ष शारदा सिंह कतरास कॉलेज पहुंचीं। कॉलेज की स्थिति देखकर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत शर्मनाक है कि पढ़ाई के लिए कॉलेज आने वाले छात्र मजबूर होकर धरना-अनशन पर बैठ रहे हैं। यदि शिक्षिका के साथ दुर्व्यवहार की बात सामने आई है तो कॉलेज प्रबंधन की जिम्मेदारी बनती है कि तत्काल कार्रवाई करे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब इस तरह की घटनाएं हो रही हैं तो छात्राओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा।

जिप अध्यक्ष ने कॉलेज परिसर में गंदगी, लाइब्रेरी में पुस्तकों की कमी, कंप्यूटर लैब में प्रशिक्षक के अभाव और शिक्षकों की भारी कमी की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है, जिसे वह किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं करेंगी। उन्होंने फोन पर धनबाद एसडीओ को मामले से अवगत कराया और कहा कि जल्द ही कुलपति एवं राज्यपाल से मिलकर कतरास कॉलेज की बदहाल स्थिति की जानकारी देंगी तथा सुधार के लिए ठोस पहल करेंगी।

अभाविप के प्रादेशिक विश्वविद्यालय सह-संयोजक शुभम हजारी ने बताया कि शिक्षिका से दुर्व्यवहार और कॉलेज की अनियमितताओं को लेकर प्राचार्य को हटाने की मांग की गई है। फिलहाल छह में से चार मांगों पर सहमति बनी है, लेकिन यदि नगर निकाय चुनाव समाप्त होने तक सभी मांगें पूरी नहीं हुईं तो संगठन फिर से आंदोलन करेगा। इस आंदोलन को एनएसयूआई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का भी समर्थन मिला।

वहीं, कतरास कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीरेंद्र कुमार ने दुर्व्यवहार के आरोपों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने कहा कि महिला और पुरुष शिक्षक के बीच कहासुनी हो रही थी, स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए दोनों को बाहर जाने को कहा गया था। उन्होंने शिक्षकों, पुस्तकों और सफाईकर्मियों की कमी की बात स्वीकार करते हुए कहा कि इन समस्याओं से विश्वविद्यालय प्रबंधन को अवगत कराया गया है।

मामले की जांच और समाधान के लिए बीबीएमकेयू से पहुंचे प्रॉक्टर कौशल कुमार सिंह और परीक्षा विभाग के एचडी संजय कुमार सिंह ने बताया कि कुछ मामलों में कार्रवाई के लिए कॉलेज प्राचार्य को नोटिस जारी किया जाएगा, जबकि अन्य मांगों पर विश्वविद्यालय प्रबंधन विचार करेगा।

मौके पर अभाविप, एनएसयूआई, बीबीएमकेयू प्रतिनिधिमंडल, कॉलेज प्रशासन तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।

Dhanbad Jharkhand News @ Bureau Chief Mithilesh pandey

Indian Crime News

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