बरेली के नए सिटी मजिस्ट्रेट बने राम जनम यादव
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) को अनुशासनहीनता के आरोप में सोमवार की देर रात निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद शासन की ओर से तुरंत प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए एसडीएम सदर राम जनम यादव को बरेली का नया सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त
बरेली ——-बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) को अनुशासनहीनता के आरोप में सोमवार की देर रात निलंबित कर दिया गया था। इसके बाद शासन की ओर से तुरंत प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव करते हुए एसडीएम सदर राम जनम यादव को बरेली का नया सिटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया। आदेश जारी होते ही राम जनम यादव ने पदभार संभाल लिया और कामकाज शुरू कर दिया है।
निलंबन के बाद प्रशासनिक बदलाव
दरअसल अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) के निलंबन के बाद शासन ने बिना देरी किए वैकल्पिक व्यवस्था लागू की। बरेली में एसडीएम सदर के पद पर कार्यरत राम जनम यादव को सिटी मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। प्रशासनिक स्तर पर इस बदलाव को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि जिले में कानून व्यवस्था और राजस्व से जुड़े कार्यों की जिम्मेदारी सीधे सिटी मजिस्ट्रेट के पास होती है।
राम जनम यादव का प्रशासनिक परिचय
आपको बताते चलें कि, राम जनम यादव उत्तर प्रदेश कैडर के 2020 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। वे मूल रूप से सिद्धार्थनगर जिले के निवासी हैं। शैक्षणिक रूप से उन्होंने M.Sc मैथ्स की डिग्री हासिल की है। प्रशासनिक सेवा में आने के बाद उन्होंने अलग अलग जिलों में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है और अनुभव प्राप्त किया है।
दरअसल राम जनम यादव को जून 2021 में पदोन्नति के बाद एसडीएम के रूप में पहली तैनाती प्रतापगढ़ जिले में मिली थी। इससे पहले वे बस्ती और गाजियाबाद में नायब तहसीलदार के पद पर तथा अयोध्या में तहसीलदार के रूप में कार्य कर चुके हैं। प्रतापगढ़ के बाद उन्हें चित्रकूट जिले में एसडीएम के रूप में तैनात किया गया, जहां उन्होंने करीब तीन वर्षों तक प्रशासनिक और राजस्व से जुड़े कई अहम कार्य संभाले।
वहीं वर्ष 2024 से राम जनम यादव बरेली में एसडीएम के पद पर कार्यरत हैं। अब उत्तर प्रदेश शासन ने उन्हें एसडीएम के साथ साथ सिटी मजिस्ट्रेट का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा है। नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्होंने पदभार ग्रहण कर लिया है और प्रशासनिक कार्यों की जिम्मेदारी संभाल ली है।
गौरतलब है कि अलंकार अग्निहोत्री (Alankar Agnihotri) ने यूजीसी के नए नियम और शंकराचार्य के अपमान से नाराज होकर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि शासन ने उनका इस्तीफा नामंजूर कर दिया और उनके खिलाफ जांच के आदेश जारी करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया। इसी के बाद बरेली प्रशासन में यह बड़ा बदलाव किया गया।


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