Bhopalस्वास्थ्य

तांबे के बर्तन में पानी पीने के सही तरीके से फ़ायदा हो, नुकसान नहीं जानें क्या है सही तरीका ?

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश

तांबे की बोतल में रखा पानी पीना आयुर्वेद में फायदेमंद माना गया है, लेकिन गलत तरीका अपनाने पर यही आदत नुकसान भी कर सकती है। इसलिए तांबे का पानी कैसे और कितना पीना है—यह जानना ज़रूरी है। सही तरीका क्या है? तांबे की बोतल में रात को साधारण पीने का पानी भरें और उसे 6–8 घंटे तक रहने दें। सुबह खाली पेट एक गिलास (200–250 ml) पानी पीना सबसे बेहतर माना जाता है। इससे पाचन सुधरता है, इम्युनिटी को सपोर्ट मिलता है और शरीर में मौजूद हानिकारक बैक्टीरिया कम होते हैं। कितना पीना चाहिए दिनभर सिर्फ़ तांबे का पानी पीना सही नहीं है। ज़्यादा मात्रा में तांबा शरीर में जमा होकर कॉपर टॉक्सिसिटी का कारण बन सकता है। इसलिए दिन में 1–2 गिलास से ज़्यादा नहीं।साफ़-सफाई बेहद ज़रूरी तांबे की बोतल को रोज़ केमिकल से न धोएँ। हफ्ते में 1–2 बार नींबू + नमक या इमली से अंदर साफ़ करें, फिर अच्छी तरह पानी से धो लें। ध्यान रखेंतांबा फ़ायदा देता है सही मात्रा और सही तरीके से। गलत इस्तेमाल में, वही फ़ायदा नुकसान बन सकता है।

Indian Crime News

Related Articles

Back to top button