पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग पर सेंट्रल बैंक धनबाद में कर्मियों का आंदोलन, सेवाएं रहीं ठप

👉5-डे वर्किंग सिस्टम को लेकर बैंक कर्मियों का आक्रोश, सेंट्रल बैंक धनबाद में हड़ताल
👉रिक्त पदों पर बहाली और 5-दिवसीय कार्य सप्ताह की मांग, बैंक कर्मियों ने किया प्रदर्शन
👉UAFBU के आह्वान पर सेंट्रल बैंक कर्मचारियों की हड़ताल, ग्राहकों को हुई परेशानी
धनबाद।
सप्ताह में पांच दिन कार्य व्यवस्था लागू करने तथा रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग को लेकर मंगलवार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बैंक मोड़ शाखा में पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने हड़ताल कर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान बैंक के समक्ष नारेबाजी की गई और अपनी मांगों के समर्थन में एकजुटता दिखाई गई।
हड़ताल के चलते पूरे दिन बैंक का कामकाज पूरी तरह ठप रहा। नकद निकासी, जमा, चेक क्लीयरेंस समेत अन्य आवश्यक बैंकिंग सेवाएं प्रभावित रहीं, जिससे दूर-दराज से आए ग्राहकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UAFBU) के आह्वान पर की गई, जिसके तहत देशभर के सरकारी बैंकों के अधिकारी और कर्मचारी आंदोलनरत हैं। बैंक कर्मचारी कामेश्वर कुमार दास ने बताया कि इस हड़ताल में देशभर के लगभग 10 लाख से अधिक बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेक्टर में लगातार काम का दबाव बढ़ता जा रहा है, लेकिन उसके अनुरूप कर्मचारियों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं हो रही है। इससे मौजूदा कर्मचारियों पर अतिरिक्त मानसिक और शारीरिक दबाव पड़ रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) शनिवार को बंद रहता है, ऐसे में सभी सरकारी बैंकों में भी पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाना चाहिए।
कर्मचारियों ने यह भी कहा कि बीमा क्षेत्र की कई प्रमुख संस्थाएं, जैसे एलआईसी, पहले से ही सप्ताह में पांच दिन ही कार्य करती हैं। ऐसी स्थिति में बैंकों में भी यही व्यवस्था लागू करना न्यायसंगत होगा, जिससे कर्मचारियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और सेवा की गुणवत्ता में भी सुधार होगा।
प्रदर्शन के दौरान रत्नाकर प्रसाद, अनिल कुमार, दीपेंद्र कुमार, देव कुमार, अमित कुमार, प्रतिमा कुमारी, अनु सिंह और सद्दाब अंसारी समेत कई बैंक कर्मचारी उपस्थित रहे। हड़ताल के कारण बैंकिंग सेवाएं बाधित रहीं और ग्राहकों को निराश होकर लौटना पड़ा।

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