*मानव तस्करी रोकने के लिए मानक सचालन प्रणाली पर एक दिवसीय कार्यशाला*
कल
दिनांक 23-01-2026 को पुर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति, गोरखपुर द्वारा संचालित सुरोखित शैशव कार्यक्रम के तहत बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी रोकथाम हेतु कार्यशाला सशस्त्र सीमा बल 66 वी वटालियन के कमांडेंट जगदीश प्रसाद धाबाई की अध्यक्षता में उत्सव मैरेज लान सोनौली में आयोजित किया गया। जिसमें भारत – नेपाल में बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी रोकने के लिए बिभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यशाला में उत्तर प्रदेश पुलिस के पुलिस क्षेत्रधिकारी अकुर गौतम, बाल कल्याण समिति के सदस्य मनीष कुमार, नेपाल भारत मैत्री सघ शाखा बेलहिया के अध्यक्ष पशुपति प्रसाद कान्दू, उपाध्यक्ष गगाराम पराजुली, ब्यापार मण्डल के रामानंद रौनियार ने बाल विवाह मुक्त भारत और बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के साथ ही साथ बाल तस्करी रोकने में अपने अनुभव, चुनौती और सुझाव शेयर किया। पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के सिस्टर जगरानी, सिस्टर अल्विना,अकित, एस एस बी 22 वी बटालियन सोनौली के उप निरीक्षक एच सेवास्टीन, सस्थाओ के प्रतिनिधियों ने कार्यशाला को सफल बनाने में अपना अनुभव साझा किया। सशस्त्र सीमा बल 66वीं बटालियन के कमांडेंट जगदीश प्रसाद धाबाई ने कहा कि बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी के रोकने के लिए सभी को संगठित प्रयास करने की जरूरत है और गांव, क्षेत्र स्तर पर लोगों को जागरूक करना होगा। भारत नेपाल सीमा के दोनों क्षेत्रों में मानव तस्करी गरीबी, अशिक्षा और प्रलोभन से ही होता है। अतः उपरोक्त बिन्दुओं पर फोकस होकर काम करने की जरूरत है। पुलिस क्षेत्रधिकारी अकुर गौतम ने कहा कि बाल तस्करी एक संगठित अपराध है और इसको आवश्यक रूप से रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई भी किया जा रहा है। जागरुकता से ही बाल अपराध को रोका जा सकता है। बाल कल्याण समिति के सदस्य मनीष कुमार पाण्डेय ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करना है, इसके लिए स्थानीय स्वशासन को भी आगे आकर कार्य करने की जरूरत होगा। उत्तर प्रदेश को 2027 तक बाल श्रम मुक्त करने की विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। इस पूरे कार्यक्रम में यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार शैलेश प्रताप सिंह ने एन एच आर सी द्वारा तैयार मानक सचालन प्रणाली (एस ओ पी) पर जानकारी देते हुए पैनल अनुसार उपस्थित प्रतिभागियों से बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी रोकने की सुझाव और खुला सत्र के माध्यम से जानकारी बढाई और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत सभी ने सकल्प लिया। श्रवण कुमार ने कहा कि बाल अपराध रोकने के क्षेत्र में सभी सुरक्षा एजेंसीयों, अन्य हितभागियो और संस्थाओं के प्रतिनिधियों का भरपूर सहयोग है। आज कार्यशाला के उपरांत हम सभी बाल अपराध रोकने के विभिन्न पहलुओं पर एक समान समझ के साथ आगे कार्य करेंगे। पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के सिस्टर जगरानी, सिस्टर अल्विना, अंकित कुमार, श्रवण कुमार, सुनील कुमार, पुष्पा देवी भी उपस्थित रहे। सशस्त्र सीमा बल के ए एच टी यु टीम, नौतनवा क्षेत्र के सनौली, नौतनवा के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, मानव सेवा सस्थान, प्लान इण्डिया, सर्व हितकारी सेवा संस्थान, माइती नेपाल, ओ वी एन अन्य लोग उपस्थित रहे। सुनील कुमार के धन्यवाद से कार्य शाला का समापन किया गया।



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