लेब ग्रोन और नेचुरल डायमंड में अंतर करना आम आदमी के लिए अत्यंत मुश्किल जानें कैसे करें पहचान?

रिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्य प्रदेश
लेब ग्रोन डायमंड (प्रयोगशाला में बने हीरे) और प्राकृतिक हीरे में अंतर करना आम आदमी के लिए बहुत ही मुश्किल है। क्योंकि रासायनिक और भौतिक रूप से दोनों एक जैसे होते हैं, लेकिन अंतर पहचानने के लिए एक्सपर्ट्स सर्टिफिकेट, हीरे की बेल्ट पर लिखे लेजर इंस्क्रिप्शन जैसे Lab-grown या LG और विशेष लैब टेस्ट का इस्तेमाल करते हैं, क्योंकि प्राकृतिक हीरे में नाइट्रोजन होता है और लैब में बने हीरे में नहीं, साथ ही लैब में बने हुए हीरे सस्ते होते हैं और उनकी रीसेल वैल्यू कम होती है। मुख्य अंतर और पहचान के तरीके तथा रासायनिक संरचना प्राकृतिक हीरे का निर्माण होते समय इनमें नाइट्रोजन के सूक्ष्म कण आ जाते हैं। प्रयोगशाला में बने हीरे में नाइट्रोजन नहीं होता, जो जेमोलॉजिस्ट रत्न विशेषज्ञ की पहचान का एक तरीका है। लैब में बने और प्राकृतिक हीरे के बीच के अंतर लेजर इंस्क्रिप्शन के द्वारा पहचाना जा सकता है।अक्सर लैब ग्रोन डायमंड की किनारे पर “Lab-grown”, “LG” या “CVD” जैसे शब्द लेजर से लिखे होते हैं, जिन्हें मैग्नीफाइंग ग्लास से देखा जा सकता है। ध्यान देने वाली बात यह है कि सभी डायमंड पर यह नहीं होता और खराब इरादे वाले विक्रेता इसे मिटा भी सकते हैं, इसलिए यह अकेला तरीका नहीं है। हर असली हीरा चाहे प्राकृतिक हो या लैब निर्मित उसका एक ग्रेडिंग सर्टिफिकेट (जैसे GIA से) होता है, जिस पर उसकी उत्पत्ति लिखी होती है। यह सबसे आसान और विश्वसनीय तरीका है। कीमत लैब ग्रोन डायमंड, नेचुरल डायमंड की तुलना में काफी सस्ते 40-50 प्रतिशत तक कम होते हैं, क्योंकि वे आसानी से बनाए जा सकते हैं।विशेषज्ञ परीक्षण केवल विशेष लैब उपकरण और टेक्नोलॉजी से ही इन दोनों में सटीक अंतर पता किया जा सकता है, क्योंकि दिखने में दोनों एक जैसे लगते हैं आँखों से या साधारण मैग्निफायर से पहचानना असंभव है। संक्षेप में कुछ और तरीके जिनसे पता किया जा सकता है। प्राकृतिक हीरे प्रकृति में लाखों सालों में बने, महंगे, नाइट्रोजन युक्त, सर्टिफिकेट पर ‘Natural’ लिखा होता है। जबकि लेब निर्मित हीरे प्रयोगशाला में कुछ हफ्तों में बने, सस्ते, नाइट्रोजन रहित, सर्टिफिकेट पर ‘Lab-grown’ लिखा होगा, अक्सर बेल्ट हीरे के किनारे पर इंस्क्रिप्शन होता है। असली हीरा कठोर, चमकदार, पानी में डूबने वाला और अखबार के अक्षर आर-पार न दिखने वाला होता है, जो प्रकाश को तीव्र रूप से परावर्तित करता है और भाप जमने पर तुरंत गायब हो जाती है,यह गर्म करने और फिर ठंडे पानी में डालने पर भी नहीं टूटता, जबकि नकली हीरा अक्सर कमजोर, पानी पर तैरने वाला, धुंधला और गरम करने पर चटक सकता है। असली हीरे की पहचान पानी का परीक्षण असली हीरा भारी होता है और पानी में डालने पर डूब जाता है, जबकि नकली हीरे अक्सर पानी पर तैरते हैं। हीरे को अखबार पर रखकर उसके आर-पार पढ़ने की कोशिश करें यदि अक्षर धुंधले या अपठनीय दिखें, तो हीरा असली है। भाप परीक्षण हीरे पर मुंह से भाप छोड़ें असली हीरा तुरंत साफ हो जाता है, जबकि नकली पर भाप जम जाती है।चमक और आग परीक्षण असली हीरा सफेद रोशनी को परावर्तित कर तीव्र चमक और इंद्रधनुषी रंग बिखेरता है। कठोरता और गर्मी परीक्षण असली हीरा बहुत कठोर होता है इसे गर्म करके तुरंत ठंडे पानी में डालने पर यह नहीं टूटता, जबकि नकली चटक सकता है। कोने से देखें हीरे के नुकीले कोनों से देखने पर अंदर से रंगीन रोशनी दिखाई दे सकती है। असली हीरे की विशेषताएं अत्यधिक कठोर और खरोंच प्रतिरोधी होता है। प्रकाश को असाधारण रूप से परावर्तित करता है, जिससे तीव्र चमक आती है। इन घरेलू परीक्षणों से आप काफी हद तक असली और नकली हीरे में अंतर किया जा सकता हैं, लेकिन सटीक पहचान के लिए हमेशा पेशेवर जौहरी की सलाह लेना सबसे अच्छा है।

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