भाजपा संगठनात्मक चुनाव में राज सिन्हा का पलड़ा भारी, श्रवण राय बने धनबाद महानगर अध्यक्ष

👉धनबाद भाजपा में राज सिन्हा की चली, श्रवण राय को मिला दूसरा कार्यकाल
👉सांसद ढुलू महतो को झटका, संगठन ने श्रवण राय पर फिर जताया भरोसा
👉महानगर अध्यक्ष पद पर खींचतान खत्म, प्रदेश नेतृत्व ने राज सिन्हा के उम्मीदवार को दी हरी झंडी
👉धनबाद भाजपा संगठन में राज सिन्हा की मजबूत पकड़, श्रवण राय की दोबारा ताजपोशी
धनबाद :
भाजपा के संगठनात्मक चुनाव में धनबाद से विधायक राज सिन्हा एक बार फिर प्रभावी साबित हुए हैं। प्रदेश नेतृत्व ने उनके समर्थक और वर्तमान महानगर अध्यक्ष श्रवण राय को दोबारा धनबाद महानगर अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी है। इस फैसले के साथ ही संगठन के भीतर चल रही लंबी खींचतान पर विराम लग गया है।
महानगर अध्यक्ष पद को लेकर सांसद ढुलू महतो अपने प्रतिनिधि नितिन भट्ट के समर्थन में थे, जबकि झरिया की विधायक रागिनी सिंह अपने समर्थक मानस प्रसून को आगे बढ़ाना चाहती थीं। हालांकि प्रदेश नेतृत्व ने दोनों की राय को दरकिनार करते हुए श्रवण राय को ही दूसरा कार्यकाल देने का निर्णय लिया।
बताया जाता है कि झारखंड के अधिकांश जिलाध्यक्षों के नाम करीब दस दिन पहले ही फाइनल हो चुके थे, लेकिन धनबाद महानगर अध्यक्ष के नाम पर सहमति नहीं बन पा रही थी। इसकी मुख्य वजह सांसद ढुलू महतो और विधायक राज सिन्हा के बीच चल रही संगठनात्मक खींचतान मानी जा रही थी।
कुछ दिन पहले प्रदेश इकाई द्वारा गठित तीन सदस्यीय कमेटी ने सांसद और स्थानीय विधायकों से रायशुमारी की थी। इस दौरान श्रवण राय, मानस प्रसून, शेखर सिंह और धनेश्वर महतो के नाम सामने आए थे। उल्लेखनीय है कि जिलाध्यक्ष पद के लिए सक्रिय सदस्य होना अनिवार्य है, जबकि नितिन भट्ट इस बार सक्रिय सदस्य भी नहीं बन पाए थे, जिससे उनकी दावेदारी कमजोर पड़ गई।
सूत्रों के अनुसार विधायक राज सिन्हा ने दिल्ली जाकर भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर संगठन की स्थिति से अवगत कराया था। प्रदेश नेतृत्व में बाबूलाल मरांडी और अर्जुन मुंडा जैसे वरिष्ठ नेताओं ने भी राज सिन्हा के उम्मीदवार का समर्थन किया।
पार्टी सूत्रों का कहना है कि राज सिन्हा की संगठन पर पकड़ जिला स्तर से लेकर प्रदेश इकाई तक मजबूत है, जबकि सांसद ढुलू महतो की संगठनात्मक सक्रियता सीमित मानी जाती है। यही वजह रही कि महानगर अध्यक्ष के चयन में सांसद की राय को विशेष तवज्जो नहीं दी गई।
श्रवण राय की दोबारा ताजपोशी से विधायक राज सिन्हा के समर्थकों में उत्साह का माहौल है, जबकि संगठनात्मक चुनाव में यह स्पष्ट हो गया कि इस बार धनबाद भाजपा में विधायक राज सिन्हा सांसद पर भारी पड़े।

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