मनरेगा को हटाकर काम के अधिकार को ख़त्म करना चाहती है केंद्र सरकार,रेखचंद जैन

पूर्व विधायक जगदलपुर व संसदीय सचिव छत्तीसगढ़ शासन रेखचंद जैन ने कहा है कि महात्मा गांधी के नाम से भाजपा का द्वेष फिर एक बार उजागर हुआ है. महात्मा गांधी के नाम से संचालित योजना को समाप्त कर भाजपा ने अपनी मंशा जाहिर कर दी है.

मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम के तहत कोंडागांव जिला मुख्यालय के कांग्रेस भवन में मीडिया को सम्बोधित करते रेखचन्द जैन ने कहा कि मनरेगा के बहाने काम के अधिकार को केंद्र सरकार ख़त्म करना चाहती है. कांग्रेस के नेतृत्व में यूपीए सरकार ने जो मनरेगा योजना चालू की थी, उसे अपने पूंजीपति मित्रों को खुश करने के लिए केंद्र सरकार बंद करने जा रही है. इस संवैधानिक अधिकार को बचाने कांग्रेस संगठन के दिशा निर्देश पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन चलाया जा रहा है.

केंद्र ने इस योजना के अनेक प्रावधानों को ख़त्म किया है. अब केंद्र की मर्जी से उसके चुने हुए सरकारों व जिलों में ही काम होगा. केंद्र ने राज्यों को दी जाने वाली धनराशि में भी कटौती की है. अब 40 प्रतिशत राशि राज्य वहन करेंगे. इससे पहले ही आर्थिक संकट से जूझ रहे राज्यों की कमर टूट जाएगी. रेखचंद जैन ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से मजदूरों को जो अधिकार मिला था उसे ख़त्म करने की साजिश भाजपा सरकार कर रही है. इस योजना को सीएजी समेत अन्य 200 रिपोर्ट में बेहतरीन बताया गया है.

कोविड काल में यह योजना जितनी कारगर साबित हुई है उसकी हर तरफ बड़ाई ने केंद्र के दुष्प्रचार की कलई खोल दी है. कांग्रेस काम के अधिकार के साथ पंचायतों की शक्ति बहाली की मांग करने के साथ न्यूनतम मजदूरी 400 रुपये प्रति दिन देने की मांग करती है. रेखचंद जैन ने मनरेगा बचाओ संग्राम के चार मांगों की जानकारी देते कहा कि इस योजना के समाप्त होने से शहरों पर दबाव बढेगा और पलायन तेज होगा. पूर्व विधायक ने मनरेगा बचाओ संग्राम के अन्य बिंदुओं से भी अवगत करवाया.

पत्रवार्ता के दौरान रेखचंद जैन के साथ जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रवि घोष, केशकाल के पूर्व विधायक संतराम नेताम, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष देवचंद मातलाम, रितेश पटेल, नेहरू राम मंडावी, विरेश साहू, जेपी यादव, महारु राम, शकुर खान, विशाल शर्मा, कमलेश दुबे, झुमुक लाल दीवान, इंदर बघेल, शिव लाल मंडावी, प्रेम सिंह बैध व अन्य मौजूद थे. पूर्व विधायक रेखचंद जैन समेत पत्रवार्ता में मौजूद कांग्रेसजनों ने कार्यक्रम में सबसे पहले अविभाजित बस्तर जिले के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय मानकू राम सोढ़ी के पुण्यतिथि पर उनके चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पुष्पमाला अर्पित किया. इस दौरान उनके कार्यों का स्मरण किया गया. रेखचंद जैन ने उनके योगदान को रेखांकित किया.

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