अधिवक्ताओं ने तहसीलदार का किया घेराव

प्रणाली से रूष्ट चल रहे अधिवक्ताओं ने मंगलवार को दुर्घटना में मृत व्यक्ति की कृषक बीमा की फाइल में टिप्पणी में अपात्र लिखकर भेजने को लेकर चैंबर में तहसीलदार का घेराव किया। जमकर तहसीलदार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं से उच्चाधिकारियों को फोन पर मामले से अवगत कराया और तहसीलदार नरेन्द्र कुमार को हटाने की मांग की। जिस पर सीआरओ ने न्यायिक उप जिला मजिस्ट्रेट मलखान सिंह को मामले में हस्तक्षेप करने को कहा। फाइल में रिपोर्ट लगाकर भेजने
के आश्वासन पर अधिवक्ता शांत हुए। क्षेत्र के मुहम्मदपुर निवासी
ओमकारनाथ मिश्रा जून माह में सड़क हादसे में घायल हो गये थे। इलाज के दौरान 9 जुलाई को मौत हो गयी थी, जिसमें कृषक बीमा योजना में आवेदन किया। जिसमें तहसीलदार ने फाइल में अपात्र की टिप्पणी लिखकर फाइल जिले को भेज दी। मंगलवार को जानकारी हुई तो अधिवक्ता उग्र हो गए।
बार अध्यक्ष सुनील प्रकाश मिश्रा व मंत्री पीएन पाण्डेय की अगुवाई में करीब 11 बजे तहसीलदार के चैंबर में घुसकर घेराव कर नारेबाजी करने लगे। सीआरओ समेत उच्चाधिकारियों को मामले अवगत कराते हुए तहसीलदार को हटाने की मांग करने लगे। सीआरओ ने न्यायिक उप जिला
मजिस्ट्रेट मलखान सिंह को फोन कर मामले को देखने को कहा।
अधिवक्ताओं ने कहा कि तहसीलदार द्वारा वसीयत की पत्रावली में आदेश पारित नहीं किया जा रहा है। दान अभिलेख की पत्रावली को विवादित बताकर बिना कारण बताए रोका जा रहा है। आय प्रमाण पत्र 60 हजार रुपया से कम नही जारी होने शासन द्वारा चलाए जा रहे जन कल्याणकारी योजनाओं से पात्र ब्यक्तियो को वंचित किया जा रहा है।
इस दौरान सुनील कुमार मिश्रा, पीएन पाण्डेय,संजय कुमार साहनी, सुमित्रानंदन सिंह, मनोज यादव, कुलदीप मिश्र, महेंद्र यादव, सुरेन्द्र नारायण यादव, प्रभात यादव, कुश कुमार सिंह, रोहित यादव समेत भारी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।
Subscribe to my channel