ब्रेकिंग न्यूज़

*बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी रोकने हेतु कार्यशाला*

 

आज दिनांक 30-12-2025 को पुर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति, गोरखपुर द्वारा संचालित सुरोखित शैशव कार्यक्रम के तहत बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी रोकथाम हेतु कार्यशाला सशस्त्र सीमा बल 66 वी वटालियन के कमांडेंट जगदीश धाबाई की अध्यक्षता में आशीर्वाद मैरिज द इवेंट पैलेस सोनौली में आयोजित किया गया। जिसमें भारत – नेपाल में बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी रोकने के लिए बिभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। कार्यशाला में किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य राजेश वर्मा, बाल कल्याण समिति के सदस्य मनीष कुमार, सशस्त्र सीमा बल 22 वी बटालियन के उप निरीक्षक जय कृष्ण, चाइल्ड हेल्पलाइन के श्याम सिंह ने बाल विवाह मुक्त भारत और बाल श्रम मुक्त उत्तर प्रदेश के साथ ही साथ बाल तस्करी रोकने में अपने अनुभव, चुनौती और सुझाव शेयर किया। कार्यशाला में शुभ अवसर ग्राम नेपाल के निदेशक सिस्टर नितिसीया, निजामुद्दीन पठान, पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के सह निदेशक फादर लीजो, आशिष सामाजिक सेवा नेपाल, पी आर सी प्रतिनिधियों ने कार्यशाला को सफल बनाने में अपना अनुभव साझा किया। सशस्त्र सीमा बल 66वीं बटालियन के कमांडेंट जगदीश धाबाई ने कहा कि बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी के रोकने के लिए सभी को संगठित प्रयास करने की जरूरत है और गांव, क्षेत्र स्तर पर लोगों को जागरूक करना होगा। भारत नेपाल सीमा के दोनों क्षेत्रों में भी बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी के प्रति समुदाय को जागरुक होकर सशक्त होना होगा। थानाध्यक्ष सोनौली महेन्द्र मिश्रा ने कहा कि बाल तस्करी एक संगठित अपराध है और इसको आवश्यक रूप से रोकने के लिए कानूनी कार्रवाई भी किया जा रहा है। क्षेत्र पंचायत अध्यक्ष नौतनवा राकेश मद्धेशिया ने कहा कि भारत सरकार द्वारा 2030 तक भारत को बाल विवाह मुक्त करना है, इसके लिए स्थानीय स्वशासन को भी आगे आकर कार्य करने की जरूरत होगा। किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य राजेश वरमा ने उत्तर प्रदेश को 2027 तक बाल श्रम मुक्त करने की विभिन्न पहलुओं पर जानकारी दी। इस पूरे कार्यक्रम में यूनिसेफ के मंडलीय बाल संरक्षण सलाहकार शैलेश प्रताप सिंह ने पैनल अनुसार उपस्थित प्रतिभागियों से बाल विवाह, बाल श्रम और बाल तस्करी रोकने की सुझाव और खुला सत्र के माध्यम से जानकारी बढाई और बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत सभी से प्लैज और संकल्प करवाये। पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के सह निदेशक फादर लीजो ने कहा कि बाल अपराध रोकने के क्षेत्र में सभी सुरक्षा एजेंसीयों, अन्य हितभागियो और संस्थाओं के प्रतिनिधियों का भरपूर सहयोग है। आज कार्यशाला के उपरांत हम सभी बाल अपराध रोकने के विभिन्न पहलुओं पर एक समान समझ के साथ आगे कार्य करेंगे। कार्यशाला का संचालन आनन्द कुमार ने किया और कार्यशाला में पूर्वांचल ग्रामीण सेवा समिति के सिस्टर अलविना, अंकित कुमार, श्रवण कुमार, सुनील कुमार, पुष्पा देवी, आनंद कुमार, कृष्ण मोहन, साधना, मेनका भी उपस्थित रहे। सशस्त्र सीमा बल के ए एच टी यु टीम, नौतनवा क्षेत्र के बरगदवा, सनौली, नौतनवा के बाल कल्याण पुलिस अधिकारी अन्य लोग उपस्थित रहे। इस दौरान बाल संसद की खुशबू, रितेश और चादनी ने बाल श्रम, बाल विवाह, बाल तस्करी रोकने पर बच्चों की ओर से अपना सुझाव दिया। अकित के धन्यवाद से कार्य शाला का समापन किया गया।

Maharajganj Uttar Pradesh News @ Bureau Chief Sunil Kumar Jaiswal

Indian Crime News

Related Articles

Back to top button