सिजुआ एरिया-5 में आउटसोर्सिंग कंपनी की मनमानी, ब्लास्टिंग से घर क्षतिग्रस्त; विरोध पर उतरे लोग, पुलिस बनी मूकदर्शक

👉हिल टॉप हाई राइज की लापरवाही से दहला इलाका, विस्थापन की मांग पर भड़का जनआक्रोश
👉ब्लास्टिंग आतंक के आगे प्रशासन बेबस, घर टूटते रहे और कंपनी करती रही धमाके
👉विरोध के बाद झुकी कंपनी, क्वार्टर देने के आश्वासन पर थमा आक्रोश
धनबाद के सिजुआ एरिया-5 में हिल टॉप हाई राइज आउटसोर्सिंग कंपनी की लापरवाही और मनमानी एक बार फिर उजागर हुई है। कंपनी द्वारा लगातार की जा रही ब्लास्टिंग से स्थानीय लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। ब्लास्टिंग के दौरान रोहित कुमार पासी, जबीर खान और चंदन लोहार के घरों को भारी नुकसान पहुंचा, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने न तो विस्थापन किया और न ही ब्लास्टिंग पर रोक लगाई।
लगातार हो रहे नुकसान और अनसुनी से आक्रोशित स्थानीय लोग आखिरकार सड़क पर उतर आए। विरोध इतना तीखा था कि आउटसोर्सिंग कंपनी को जोगता थाना से पुलिस बल मंगाना पड़ा। हैरानी की बात यह रही कि मौके पर मौजूद पुलिस हालात को देखते हुए भी मूकदर्शक बनी रही और पीड़ितों को तत्काल कोई राहत नहीं मिली।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि कंपनी बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए रोजाना ब्लास्टिंग कर रही थी, जिससे उनके घरों में दरारें पड़ रही थीं और जान-माल का खतरा बना हुआ था। मजबूर होकर लोगों ने काम पूरी तरह ठप करा दिया और ब्लास्टिंग रुकवा दी।
स्थिति तब बदली जब मोदीडीह कोलियरी के मैनेजर दशरथ सिंह मौके पर पहुंचे। आपसी बातचीत के बाद तेतुलमारी में क्वार्टर देकर प्रभावित परिवारों को विस्थापित करने की बात कही गई। इसके बाद जाकर लोगों ने विरोध समाप्त किया और फिर ब्लास्टिंग शुरू की गई।
यह पूरा मामला एक बार फिर कोयला क्षेत्र में चल रही आउटसोर्सिंग कंपनियों की मनमानी, प्रशासन की निष्क्रियता और स्थानीय लोगों की मजबूरी को उजागर करता है। सवाल यह है कि क्या नुकसान के बाद ही कार्रवाई होगी, या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए कोई ठोस कदम उठाया जाएगा?
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