कतरास में बिकता फुटपाथ बना जाम की जड़, प्रशासनिक उदासीनता से बढ़ी राहगीरों की मुसीबत

👉पचगढ़ी बाजार में फुटपाथ की खुली बिक्री, कतरास शहर जाम से बेहाल
👉30–35 हजार में बिक रहा फुटपाथ, एंबुलेंस तक फंसी जाम में
👉अतिक्रमण, टोटो और कचरा गाड़ी ने कतरास को बनाया जामनगर
👉कार्रवाई सिर्फ दिखावे की, फुटपाथ कब्जे से सड़कें हुईं संकड़ी
कतरास (धनबाद)।
कतरास शहर में जाम की समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है। पचगढ़ी बाजार सहित कतरास-धनबाद मुख्य मार्ग पर फुटपाथ की खुलेआम बिक्री से सड़कें लगातार संकरी होती जा रही हैं। हालात यह हैं कि दुकानदार 30 से 35 हजार रुपये लेकर अपने सामने का फुटपाथ दूसरों को बेच रहे हैं, जिससे आम राहगीरों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है।
फुटपाथ पर अवैध दुकानों के कारण आए दिन जाम की स्थिति बन रही है, लेकिन पुलिस और प्रशासन मूकदर्शक बने हुए हैं। जाम में फंसने से सबसे ज्यादा परेशानी एंबुलेंस को हो रही है। समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाने के कारण कई मरीजों की जान पर आफत आ जाती है
स्थिति तब और बिगड़ जाती है जब तिलकुट दुकानों का सीजन आते ही कतरास-धनबाद मुख्य सड़क पर अस्थायी दुकानें सज जाती हैं। दुकानदार मोटी रकम लेकर जगह दे देते हैं और सड़क पूरी तरह जाम हो जाती है। वहीं टोटो चालक जहां-तहां वाहन खड़ा कर देते हैं, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो जाता है।
बुधवार 24 दिसंबर 2025 को थाना चौक हनुमान मेंशन के पास उस वक्त भीषण जाम लग गया, जब नगर निगम की कचरा उठाने वाली गाड़ी दिन के 12:30 बजे सड़क पर खड़ी कर कचरा उठाया जा रहा था। इस दौरान यातायात पूरी तरह ठप रहा।
हालांकि जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाता है, लेकिन यह अभियान कुछ दिनों में ही ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। हाल ही में बाघमारा के अंचलाधिकारी ने अतिक्रमणकारियों को अल्टीमेटम देने और सूची तैयार करने की बात कही थी, लेकिन अब तक दुकानदारों को कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है, जिससे उनका मनोबल और बढ़ गया है।
फुटपाथ पर कब्जे के कारण नालियों की सफाई भी महीनों से नहीं हो पा रही है। वहीं शहर में आवारा पशुओं का आतंक भी बना हुआ है। आए दिन लोग घायल हो रहे हैं। नगर निगम द्वारा देर रात सांड भगाओ अभियान चलाया गया, लेकिन सुबह होते ही सांड फिर सड़कों पर नजर आए।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बाघमारा अंचलाधिकारी और कतरास थाना प्रभारी सख्ती से कार्रवाई करें, तो कतरास को अतिक्रमण और जाम की समस्या से काफी हद तक निजात मिल सकती है।

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