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UIDAI ने आधार कार्ड को गोपनीयता-उन्मुख रूप देने का प्रस्ताव: सिर्फ फोटो और सिक्योर QR कोड, अन्य जानकारी हटाने का विचार

👉नए आधार डिज़ाइन में नाम, पता और नंबर नहीं — सिर्फ फोटो और एन्क्रिप्टेड QR कोड के साथ सुरक्षा बढ़ाने की रणनीति

भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) एक बड़े और महत्वाकांक्षी बदलाव पर विचार कर रहा है: आधार कार्ड का ऐसा नया डिज़ाइन जिसे फोटोकॉपी और ऑफ़लाइन वेरिफ़िकेशन के दुरुपयोग से सुरक्षा बढ़ सके। UIDAI सीईओ भुवनेश कुमार के अनुसार, प्रस्तावित डिज़ाइन में कार्ड पर सिर्फ धारक की फोटोग्राफ और एक सिक्योर (एन्क्रिप्टेड) QR कोड होगा, जबकि नाम, पता, जन्मतिथि और आधार नंबर जैसी संवेदनशील जानकारी प्रिंट नहीं की जाएगी।

यह कदम मुख्य रूप से गोपनीयता (प्राइवेसी) को बढ़ाने और पहचान की चोरी या गलत इस्तेमाल को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है। वर्तमान में कई होटल, इवेंट आयोजक और निजी संस्थान आगे की जांच के लिए आधार की फोटोकॉपी मांगते हैं, जिससे उपयोगकर्ताओं की पर्सनल जानकारी गलत हाथों में जा सकती है।

नए QR कोड में एन्क्रिप्टेड डेटा होगा जिसे स्कैन करके अधिकृत संस्थान ऑनलाइन ऑथेंटिकेशन कर पाएंगे, लेकिन कार्ड पर कोई संवेदनशील विवरण खुलेआम नजर नहीं आएंगे। यह डिजाइन प्रस्ताव 1 दिसंबर 2025 से आगे के विचार के लिए उठाया जा सकता है।

👉नई आधार ऐप भी आ रही है

UIDAI सिर्फ फिज़िकल कार्ड ही नहीं बदलने की योजना बना रहा, बल्कि नई आधार मोबाइल ऐप भी लॉन्च की जाएगी, जो पुरानी mAadhaar ऐप को प्रतिस्थापित करेगा। इस ऐप में निम्नलिखित विशेषताएं होंगी:

👉चेहरे (Face) ऑथेंटिकेशन के जरिए पहचान की पुष्टि।

👉यूज़र अपने परिवार के सदस्यों (जिनका मोबाइल न हो) को जोड़ सकेगा।

👉मोबाइल नंबर अपडेट करना, पते और पहचान के दस्तावेज़ों को ऐप के माध्यम से मैनेज करना।

विभिन्न गतिविधियों में वेरिफिकेशन आसान बनेगा — जैसे होटलों में चेक-इन, इवेंट्स, सिनेमा हॉल आदि — जहां ऑफ़लाइन वेरिफ़िकेशन की जगह यह डिजिटल तरीका अपनाया जाएगा।

QR-कोड आधारित वेरिफ़िकेशन को फेस मैचिंग के साथ जोड़ा जाएगा, ताकि पहचान और उपस्थित होना दोनों प्रमाणित किया जा सके।

👉गोपनीयता और कानूनी अनुपालन

यह प्रस्ताव Aadhaar Act के अनुरूप है, क्योंकि वह उन संस्थाओं को रोकता है जो ऑफ़लाइन वेरिफ़िकेशन के दौरान आधार नंबर या बायोमेट्रिक डेटा इकट्ठा या स्टोर करती हैं।

इसके अलावा, यह बदलाव Digital Personal Data Protection (DPDP) Act के परिचालन की दिशा में भी है — UIDAI ने बैंक, होटल और फिनटेक फर्मों के साथ बैठकें की हैं ताकि नया फ्रेमवर्क लागू करते समय डेटा संरक्षण कानूनों के अनुरूपता सुनिश्चित की जा सके।

👉सुरक्षा-मजबूती और उपयोगकर्ता लाभ

डेटा रिस्क कम: कार्ड पर संवेदनशील जानकारी न छापते हुए, QR कोड में एन्क्रिप्टेड डेटा भेजा जाएगा, जिससे गलत हाथों में जानकारी जाने का जोखिम घटेगा।

ऑफलाइन फोटोकॉपी का उपयोग बंद: QR स्कैन आधारित पहचान से फोटोकॉपी की ज़रूरत काफी कम हो जाएगी।

प्रस्तुत करने में सुविधा: ऐप और QR वेरिफ़िकेशन से पहचान दिखाना सरल और सुरक्षित होगा — पारंपरिक प्रक्रियाओं की तुलना में तेजी और गोपनीयता बढ़ेगी।

डिजिटल प्रमाणीकरण का ज़माना: यह कदम भारत की डिजिटल पहचान और ई-गवर्नेंस की दिशा में मजबूत विकास को दर्शाता है।

Dhanbad Jharkhand News @ Bureau Chief Mithilesh pandey

Indian Crime News

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