जैसे प्रभु राम ने किया रावण वध, वैसे ही गुरु आशीर्वाद से पापों का नाश – अंतर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम में हुआ विशेष पूजन”
👉 “सिद्धाश्रम में शंकर योग और विष्णु चतुर्दशी का संगम, गुरुजनों संग हुआ महापूजन”
👉 “धनबाद के साधकों ने रामायण की भांति पावन रात्रि में पाया पुण्य फल”
👉“दस महाविद्याओं के साधना पीठ पर विष्णु-गणेश आराधना, गुरु आशीर्वाद से पापों का क्षय”
अंतर्राष्ट्रीय सिद्धाश्रम कुसुम साधक परिवार में भाद्र शुक्ल पक्ष अंतर विष्णु चतुर्दशी की घनिष्ठ रात्रि में अति शंकर योग एवं भगवान गणेश का विशेष पूजन संपन्न हुआ। इस अवसर पर धनबाद क्षेत्र के तेलमाचो, लोहापट्टी और कलापत्थर से आए गुरु भाई-बहन, संन्यासी एवं ग्रामीण श्रद्धालु बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए और पुण्य का लाभ प्राप्त किया।
महाराज मृत्युंजय ने कहा कि “यह तिथि वही है जैसे रामायण में प्रभु श्रीराम ने रावण का वध कर धर्म की स्थापना की थी, वैसे ही यह दिन पापों का नाश कर घर-परिवार को कल्याण की ओर ले जाने वाला है।”
उन्होंने आगे कहा कि गुरु के आशीर्वाद से न केवल विष्णु और गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है, बल्कि इस दिन घर-परिवार में दस महाविद्याओं का पूजन, नवग्रह शांति, मां काली, दक्षिण काली, मसान कालिका, बगलामुखी, धूमावती और छिन्नमस्ता जैसी साधनाएं भी विशेष फलदायी मानी जाती हैं।
सिद्धाश्रम की महत्ता बताते हुए उन्होंने कहा कि “यह एकमात्र दस महाविद्या शक्तिपीठ है, जो भारतवर्ष में यहीं स्थित है। जैसे हनुमानजी ने प्रभु राम के चरणों में रहकर अपना जीवन सफल किया, वैसे ही साधक गुरु के चरणों में साधना कर मोक्ष प्राप्त कर सकते हैं।”



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