Uttar Pradesh News : जिला कृषि अधिकारी ने जनपद के समस्त कृषकों को सूचित किया है

रिपोर्टर पिंटू शर्मा एटा उत्तर प्रदेश
एन०पी०के० एवं एस०एस०पी० उर्वरक को अधिक से अधिक प्रयोग में लाएं और सन्तुलित मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करे और अनावश्यक रूप से किसी भी प्रकार के उर्वरकों का भण्डारण न करें। उर्वरकों की संतुलित मात्रा फसलों के अनुसार है, जिसके अनुसार किसान भाई अपनी फसल में उर्वरकों का प्रयोग करें। जिससे भूमि की उर्वरा शक्ति बनी रहे। उन्होंने बताया कि उर्वरकों की संतुलित मात्रा फसलों के अनुसार आलू में संस्तुति NPK (Kg/ha) 170:80:100, यूरिया (बैग/हे०) 5, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 5, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 3, गेंहूँ में संस्तुति NPK (Kg/ha) 150:60:40, यूरिया (बैग/हे०) 4, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 3, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 2, सरसो में संस्तुति NPK (Kg/ha) 120:60:60, यूरिया (बैग/हे०) 5, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 3, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 1, जौ में संस्तुति NPK (Kg/ha) 30:30:20, यूरिया (बैग/हे०) 2, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 2, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 1, चना में संस्तुति NPK (Kg/ha) 20:60:20, यूरिया (बैग/हे०) 1, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 2, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 1, मसूर में संस्तुति NPK (Kg/ha) 20:60:20, यूरिया (बैग/हे०) 1, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 2, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 1, तम्बाकू में संस्तुति NPK (Kg/ha) 150:40:230, यूरिया (बैग/हे०) 4, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 2, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 4, सब्जी मटर में संस्तुति NPK (Kg/ha) 50:50:40, यूरिया (बैग/हे०) 2, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 2, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 2, फूल /पत्ता गोभी में संस्तुति NPK (Kg/ha) 120:60:60, यूरिया (बैग/हे०) 4, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 2, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 2, टमाटर में संस्तुति NPK (Kg/ha) 120:60:60, यूरिया (बैग/हे०) 4, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 2, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 2, गजर / मूली में संस्तुति NPK (Kg/ha) 50:30:30, यूरिया (बैग/हे०) 2, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 2, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 1, लहसुन / प्याज में संस्तुति NPK (Kg/ha) 140:60:60, यूरिया (बैग/हे०) 5, डी०ए०पी० (बैग/हे०) 2, म्यूरेट ऑफ पोटाश (बैग/हे०) 2 फसल में उर्वरकों का प्रयोग करें।
उन्होंने बताया कि आने वाले रबी अभियान के तहत कृषक भाइयों द्वारा सरसों, गेहूँ, आलू इत्यादि की बुवाई की जाएगी, बुबाई में किसान भाई एस०एस०पी० का प्रयोग अधिक से अधिक करे जिससे भूमि को अन्य पोषक तत्वों के साथ सल्फर भी मिल सके। जनपद के समस्त उर्वरक थोक फुटकर विक्रेताओं एवं सहकारी समिति के सचिवों को निर्देशित किया जाता है कि कृक्षकों को उनकी जोत बही खतौनी देखकर उसमें अंकित कृषि भूमि एवं उगाई जाने वाली फसल के अनुसार ही पी०ओ०एस० मशीन के माध्यम शतप्रतिशत उनके आधार कार्ड के द्वारा अंकित निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक बिकी करना सुनिश्चित करें एवं अन्य जनपद के कृषकों को उर्वरकों की बिकी न करें। यदि निर्धारित मूल्य से अधिक में बिकी करते हुए पाये जाने पर उर्वरक नियन्त्रण आदेश, 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 के अन्तर्गत कार्यवाही सुनिश्चित की जायेगी। जनपद में 10810.42 मी०टन यूरिया, 8215.72 मी०टन डी०ए०पी० तथा 3377.56 मी०टन एन०पी०के० एवं 6090.50 मी०टन एम०ओ०पी० वितरण हेतु अवशेष है। किसान भाईयों से अनुरोध है कि आवश्यकतानुसार ही उर्वरक खरीदें। उर्वरक की कोई कमी नही है, लगातार रैक आ रही हैं।
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