नगरीकला में जमीन अधिग्रहण का विरोध तेज, ग्रामीणों का 3 सितंबर को ऐतिहासिक प्रदर्शन का ऐलान

👉 “जमीन हमारी, हक हमारा” – बीसीसीएल के खिलाफ नगरीकला में ग्रामीणों का बड़ा आंदोलन
👉 नगरीकला के ग्रामीणों ने भरी हुंकार – 3 सितंबर को बीसीसीएल की नापी पर रोक
👉 पंचायत मुखिया रिंकु महतो बोले – जमीन की रक्षा के लिए जान की बाज़ी लगाएंगे ग्रामीण
👉 बीसीसीएल अधिग्रहण के खिलाफ नगरीकला में संघर्ष, ग्रामीणों ने दी ऐतिहासिक आंदोलन की चेतावनी
बाघमारा।
नगरीकला मौजा की 217.53 डिसमिल खेती योग्य जमीन पर बीसीसीएल द्वारा किए जा रहे अधिग्रहण की कोशिश ने स्थानीय ग्रामीणों में उबाल ला दिया है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि 3 सितंबर को जब बीसीसीएल अधिकारी जमीन की नापी करने आएंगे, तो उसका जोरदार विरोध किया जाएगा।
नगरीकला उत्तर पंचायत के मुखिया राजेन्द्र प्रसाद महतो उर्फ रिंकु महतो ने ग्रामीणों की सभा को संबोधित करते हुए कहा
–“हम अपनी जमीन किसी भी कीमत पर बीसीसीएल को नहीं देंगे। जरूरत पड़ी तो अपनी जान देकर भी अपनी जमीन की रक्षा करेंगे।”
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि 1984–85 में इस जमीन का अधिग्रहण दिखाया गया था, जिसमें कुल 123 रैयत शामिल थे। लेकिन इनमें से सिर्फ 23 रैयतों को बेहद कम दर पर मुआवजा दिया गया। शेष रैयत आज तक वंचित रह गए। ग्रामीणों का कहना है कि खनन कार्य पूरा होने के बाद बीसीसीएल को जमीन को समतल कर मूल रैयतों को लौटाना चाहिए।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 3 सितंबर का विरोध प्रदर्शन रांची नगरी आंदोलन की तर्ज पर ऐतिहासिक होगा। ग्रामीणों ने एकजुट होकर बीसीसीएल की नापी और अधिग्रहण योजना का डटकर मुकाबला करने का ऐलान किया ।
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