
पटना हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवाद से जुड़े एक मामले में पारिवारिक न्यायालय, पटना के तलाक के फैसले को सही ठहराते हुए पत्नी की अपील खारिज कर दी। यह मामला कुमारी संगीता राय बनाम राजीव रंजन से संबंधित था।
पारिवारिक न्यायालय ने 31 अक्तूबर 2018 को क्रूरता और परित्याग के आधार पर वैवाहिक संबंध समाप्त कर दिए थे। न्यायमूर्ति पी. बी. बजनथ्री और न्यायमूर्ति एस. बी. पी. सिंह की खंडपीठ ने गवाहों और साक्ष्यों के आधार पर इस निर्णय को उचित माना।
मामले की पृष्ठभूमि
राजीव रंजन ने 2009 में हिंदू विवाह अधिनियम की धारा 13(1) के तहत तलाक की अर्जी दी थी। आरोप था कि पत्नी का व्यवहार असहयोगी और हिंसक था तथा उसका संबंध एक सह-प्रतिवादी से था। वर्ष 2006 से वह पति से अलग रह रही थी और झूठे आपराधिक मुकदमे दर्ज कराए थे।
2005 में आत्महत्या के प्रयास के दौरान उनकी बेटी की मौत हो गई थी। बेटे की गवाही के अनुसार, मां ने खुद पर और बच्चों पर केरोसीन डालकर आग लगाई थी।
कोर्ट ने कहा कि निराधार आरोप, झूठे मुकदमे और लंबे समय तक अलगाव क्रूरता और परित्याग की श्रेणी में आते हैं।
पत्नी की स्थायी भरण-पोषण की मांग खारिज कर दी गई, हालांकि पति को ₹50,000 मुकदमा खर्च तीन महीने में अदा करने का आदेश दिया गया।



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