श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन परीक्षित जन्म व श्रृंष्टि वर्णन का भावपूर्ण प्रसंग

भरथना में श्रीमद् भागवत कथा के दूसरे दिन परीक्षित जन्म व श्रृंष्टि वर्णन का भावपूर्ण प्रसंग

भरथना। क्षेत्र में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के अंतर्गत शनिवार को दूसरे दिन परीक्षित जन्म, शुखदेव पूजन एवं श्रृंष्टि वर्णन का भावपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक प्रसंग प्रस्तुत किया गया। कथा स्थल पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा।
कथा वाचक आचार्य सरल जी महाराज ने राजा परीक्षित के जन्म का प्रसंग सुनाते हुए बताया कि भगवान की कृपा से उनका जीवन सुरक्षित रहा और वे एक महान भक्त बने। उन्होंने कहा कि भागवत कथा मानव जीवन को सही दिशा देने का माध्यम है।

शुखदेव पूजन के प्रसंग में आचार्य ने शुकदेव जी महाराज के वैराग्य, ज्ञान और भक्ति का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने बताया कि शुकदेव जी ने ही राजा परीक्षित को सात दिनों में श्रीमद् भागवत का उपदेश देकर उन्हें मोक्ष का मार्ग दिखाया।श्रृंष्टि वर्णन के दौरान ब्रह्मांड की उत्पत्ति, भगवान की माया तथा जीव के वास्तविक स्वरूप को सरल भाषा में समझाया गया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।इस आयोजन में परीक्षित जागेश्वर दयाल पोरवाल एवं श्रीमती आशा पोरवाल, गौरव पोरवाल एवं श्रीमती अनामिका पोरवाल का विशेष सहयोग रहा।
*कार्यक्रम में रामसेवक गुप्ता, सुशील कुमार पोरवाल, मुरारी लाल पोरवाल, हरिओम पोरवाल, अजय पोरवाल, विजय पोरवाल, प्रेमचंद, बिपिन चंद्र पोरवाल, अमित कौशल, सचिन कौशल, श्यामजी पोरवाल, पम्मी यादव सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।*
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