बिहार पुलिस की सबसे बड़ी ट्रेनिंग ड्राइव शुरू, 1500 ट्रेनर तैनात, नया सिलेबस लागू
बिहार पुलिस में नई पहल: 21,391 नवसिपाहियों की एक साथ ट्रेनिंग शुरू, जीविका दीदियों को सौंपी गई भोजन व्यवस्था

पटना। बिहार पुलिस के इतिहास में पहली बार एक साथ 21,391 नव नियुक्त सिपाहियों को प्रशिक्षण देने की शुरुआत 21 जुलाई 2025 से की गई है। यह राज्य की अब तक की सबसे बड़ी प्रशिक्षण व्यवस्था मानी जा रही है। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 10,207 पुरुष, 11,176 महिला और 8 ट्रांसजेंडर सिपाही शामिल हैं।
प्रशिक्षण व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए पुलिस विभाग ने 1500 प्रशिक्षकों की तैनाती की है। इन प्रशिक्षकों को प्रोत्साहित करने के लिए उनके महंगाई भत्ते में 20 फीसदी बढ़ोतरी का प्रस्ताव भी भेजा गया है। वर्तमान में यह भत्ता छठे वेतन आयोग के तहत दिया जा रहा है।
इस विशाल प्रशिक्षण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए बिहार पुलिस ने भोजन व्यवस्था की जिम्मेदारी ‘जीविका’ की दीदियों को सौंपी है। इसको लेकर पुलिस विभाग और जीविका के बीच एक समझौता पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया है।
एडीजी (प्रशिक्षण) संजय कुमार सिंह ने बुधवार को पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में बताया कि यह प्रशिक्षण बीएसएपी की बटालियनों, नाथनगर सहित राज्य के अन्य प्रशिक्षण केंद्रों, सीआरपीएफ और एसएसबी के केंद्रों में दिया जा रहा है। बाढ़ स्थित सीआरपीएफ ट्रेनिंग सेंटर में महिला सिपाहियों को विशेष रूप से सशक्त प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
इस बार प्रशिक्षण पाठ्यक्रम (सिलेबस) में भी बड़ा बदलाव किया गया है। इंडोर प्रशिक्षण के लिए नया कंपेडियम तैयार किया गया है, जिसमें 70 फीसदी संशोधन कर बीएनएसएस कानून के आवश्यक प्रावधान, छापेमारी के तरीके, हथकड़ी के उपयोग, अपराधियों की गिरफ्तारी की प्रक्रिया और अन्य व्यावहारिक पहलुओं को शामिल किया गया है।
प्रशिक्षण व्यवस्था में किया गया यह व्यापक बदलाव सिपाहियों को अधिक कुशल, जागरूक और सक्षम बनाएगा, जिससे वे राज्य की कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकें।



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