Bhopal

ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम सम्पन्न

मध्य प्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के लिए हुआ आयोजन

Pरिपोर्टर देवेन्द्र कुमार जैन भोपाल मध्यप्रदेश
भवन क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने और सतत विकास के लक्ष्यों की ओर एक सशक्त कदम के रूप में, मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के लिए 17 व 18 जुलाई 2025 को PWD सम्मेलन कक्ष, भोपाल में ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता विषय पर दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता ने उ‌द्घाटन सत्र में संहिता की आवश्यकता पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे आगामी सभी भवन परियोजनाओं में ईसीएसबीसी के प्रावधानों को अपनाने का प्रयास करें। प्रशिक्षण में लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (भवन), कार्यपालन यंत्री, सहायक यंत्री, उप यंत्री, वास्तुविद, परियोजना प्रतिवेदन अधिकारी एवं सामग्री परीक्षण अभियंता आदि ने भाग लिया। प्रशिक्षण सत्र का संचालन ऊर्जा दक्षता ब्यूरो से प्रमाणित मुख्य प्रशिक्षक जे. के. व्यास एवं राणा प्रताप पोद्दार द्वारा किया गया। प्रशिक्षण के पहले दिन मुख्य प्रशिक्षक जे. के. व्यास ने ईसीएसबीसी की आवश्यकता, इसके लाभ और प्रमुख प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी दी एवं राणा प्रताप पोद्दार ने ईसीएसबीसी के विभिन्न घटकों जैसे – सतत स्थल चयन एवं योजना, भवन आवरण, कम्फर्ट प्रणाली एवं नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, जल प्रबंधन, आंतरिक पर्यावरण गुणवत्ता, प्रकाश व्यवस्था एवं नियंत्रण, तथा ऊर्जा एवं नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। प्रतिभागियों को अनुपालन तंत्र (कॉम्प्लायंस मैकेनिज़्म) के विषय में व्यावहारिक जानकारी दी। प्रशिक्षण के दूसरे दिन प्रशिक्षक राणा प्रताप पोद्दार ने ईको निवास संहिता एवं डिज़ाइन भवन सॉफ्टवेयर की सहायता से ऊर्जा एवं प्राकृतिक प्रकाश सिमुलेशन द्वारा कोड अनुपालन के तरीकों को समझाया एवं सिमुलेशन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया। प्रशिक्षक श्री जे. के. व्यास ने eQuest सॉफ्टवेयर के माध्यम से भवन ऊर्जा सिमुलेशन करने का प्रशिक्षण प्रदान किया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदेश में ऊर्जा दक्ष भवन निर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त जान से अधिकारी आगामी परियोजनाओं में ऊर्जा संरक्षण को व्यवहार में ला सकेंगे।ऊर्जा संरक्षण एवं सतत भवन संहिता को ऊर्जा दक्षता ब्यूरो द्वारा वर्ष 2024 में प्रस्तुत किया गया। यह संहिता ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत तैयार की गई है, जिसके अनुसार प्रत्येक राज्य इसे अपनी क्षेत्रीय आवश्यकताओं एवं जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप संशोधित कर अधिसूचित कर सकता है। ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) द्वारा ईसीएसबीसी के दो कोड को प्रस्तुत किया गया। ईसीएसबीसी – वाणिज्यिक, जो व्यावसायिक भवनों पर लागू होती है। ईसीएसबीसी – आवासीय, जिसे “ईको निवास संहिता (ईएनएस)” कहा जाता है।

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