
बिहार के चार जिलों — सीतामढ़ी, मधुबनी, दरभंगा और झंझारपुर — में भू-जल स्तर के लगातार गिरने से पीने के पानी की समस्या गंभीर हो गई है। हालात को देखते हुए लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ने 528 नए चापाकलों की स्थापना का निर्णय लिया है। इसके साथ ही विशेष तकनीकी टीमों को फील्ड में तैनात कर निगरानी की जा रही है। ![]()
सीतामढ़ी में गुरुवार से शुक्रवार के बीच 58 पेयजल योजनाओं की मरम्मत की गई। 76 चापाकलों की मरम्मत और 85 की गहराई बढ़ाई गई, वहीं चार अतिरिक्त पानी टैंकर लगाए गए, जिससे 80 पंचायतों को राहत मिलेगी।
झंझारपुर में 12 जलापूर्ति योजनाएं चालू की गईं, सात चापाकलों की गहराई बढ़ाई गई और 18 पंचायतों को इसका लाभ मिलेगा।
दरभंगा में 209 पेयजल योजनाएं फिर से शुरू की गईं। 10 हैंडपंपों की संरचनात्मक गहराई बढ़ाई गई, 200 नए हैंडपंप स्वीकृत हुए और छह पानी के टैंकर लगाए गए हैं, जिससे 37 पंचायतों को लाभ पहुंचेगा।
मधुबनी में आठ जल स्रोतों में बदलाव कर 90 नए हैंडपंपों की स्वीकृति दी गई है। दो पानी के टैंकर लगाए गए हैं, जिससे 44 पंचायतों को राहत मिलेगी।
विभागीय मंत्री नीरज कुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर 20 फीट से नीचे जाने पर तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने का निर्देश दिया गया है। सरकार का प्रयास है कि जल संकट से जूझ रहे गांवों को समय पर पेयजल उपलब्ध हो सके।



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