
बिहार चुनाव से पहले चुनाव आयोग की सख्ती: 17 राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस जारी

पटना: बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है। इसी कड़ी में राज्य निर्वाचन आयोग ने एक अहम कदम उठाते हुए 17 गैर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन सभी दलों से 10 दिनों के भीतर जवाब दाखिल करने को कहा गया है। यह नोटिस मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार कार्यालय की ओर से जारी किया गया है।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से यह कार्रवाई उन राजनीतिक दलों पर की गई है, जो साल 2019 के बाद से अब तक किसी भी प्रकार के चुनाव में हिस्सा नहीं लिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह कदम चुनाव में सक्रिय भागीदारी न करने वाले दलों की पहचान और निर्वाचन प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
इस संबंध में जारी नोटिस पर उप मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी मनोज कुमार सिंह के हस्ताक्षर हैं और यह 7, सरदार पटेल मार्ग (मैंगल्स रोड), पटना स्थित मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय से भेजा गया है। इस नोटिस को राज्य के प्रमुख समाचार पत्रों में प्रकाशित किया गया है, जिसमें सभी 17 दलों के नामों का उल्लेख भी किया गया है।
क्या है नोटिस का आधार?
चुनाव आयोग ने बताया कि इन दलों ने पिछले पांच वर्षों में कोई भी चुनाव नहीं लड़ा, जिससे उनकी सक्रियता पर सवाल उठते हैं। आयोग ने चुनावी नियमों के तहत इन दलों से स्पष्टीकरण मांगा है कि वे क्यों न उन्हें निष्क्रिय या पंजीकरण रद्द कर दिया जाए।
क्या हो सकता है आगे?
अगर ये दल आयोग को समय पर संतोषजनक उत्तर नहीं देते हैं, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। इसमें पंजीकरण रद्द करना या चुनावी प्रक्रिया से बाहर करना भी शामिल है।
बिहार में इस साल के अंत तक विधानसभा चुनाव होने की संभावना है, ऐसे में निर्वाचन आयोग का यह कदम चुनावी पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा संकेत माना जा रहा है।
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