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Rajasthan News मुनींद्र धर्मास ट्रस्ट कुरुक्षेत्र हरियाणा के तत्वधान में करौली जिले की तहसील करौली में के ग्राम बरखेड़ा में आध्यात्मिक सत्संग संपन्न हुआ

रिपोर्टर वीरेंद्र सिंह गुर्जर करौली राजस्थान

मुनींद्र धर्मास ट्रस्ट कुरुक्षेत्र हरियाणा के तत्वधान में करौली जिले की तहसील करौली में के ग्राम बरखेड़ा में आध्यात्मिक सत्संग संपन्न हुआ जिसमें श्रीमद् देवी भागवत गीता बेल कुरान शरीफ गुरु ग्रंथ साहिब पुराण तथा कबीर सागर के गूढ़ रहस्यों को प्रोजेक्टर के माध्यम से दिखाकर उनका वाचन किया गया आध्यात्मिक ज्ञान के द्वारा भारत को नशा मुक्त तथा दहेज मुक्त बनाना और समाज में फैली सभी बुराइयों जैसे मृत्यु भोज रिश्वतखोरी नशाखोरी दहेज प्रथा छुआछूत हत्या को खत्म कर एक स्वच्छ समाज के निर्माण के लिए लोगों को जागरूक किया संत रामपाल जी महाराज ने बताया कि जीव हमारी जाति है मानव धर्म हमारा इस मानव जीवन का मूल उद्देश्य तत्वज्ञान और सत भक्ति प्राप्त करने की आत्मा का मोक्ष कराना है सभी प्राणियों पर दया का भाव रखते हुए किसी के साथ छुआ छात ऊंच-नीच या धर्म या जाति के आधार पर भेदभाव नहीं करना है सत्संग में सतना पर आधारित देश का खात्मा नामक डॉक्यूमेंट वीडियो दिखाइए सेवादार वीरेंद्र गुर्जर ने बताया कि सत्संग प्रवचनों से प्रेरित होकर बिना फिजूलखर्ची के देश मुक्त विवाह करके करने और नशा त्यागने का संकल्प लेकर लोगों ने नाम दीक्षा ग्रहण की इस कार्यक्रम के आयोजन में अजय दास भभूति दास जीतराम दास केला दास आदि ने अपना सहयोग प्रदान किया आदि सनातन धर्म को बचाने के लिए तत्वज्ञान की जरूरत
युग परिवर्तन की उपेक्षा में बहुत सारी धर्म संस्थाएं सनातन धर्म को बचाने हेतु प्रयासरत हैं मगर हालात जस की तस है इसका मुख्य कारण धर्म ग्रंथों को अनदेखा करना और लोक वेद प्रचारित करना रहा है मगर जब तक हम हमारे धर्म ग्रंथों जैसे कि श्रीमद्भगवद्गीता चार वेद 18 पुराण व सूक्ष्म वेद में छुपे गूढ़ रहस्यों का तत्वज्ञान नहीं होगा तब तक सनातन धर्म के बारे में हम नहीं जान सकते यह उपरोक्त जानकारी रविवार को जांगिड़ धर्मशाला हिंडौन सिटी में हुए एक सत्संग समारोह में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपालजी महाराज ने श्रद्धालुओं को सत्संग के माध्यम से बताई इस दौरान यह भी बताया गया कि कैसे शिक्षा के अभाव में पूर्व समय में हमारे धर्म ग्रंथों से पूर्व की पीढ़ियों को दूर रखा गया और सिर्फ एक वर्ग को ही धर्म ग्रंथों को पढ़ने और जानने का अधिकार था जिस कारण समाज में पाखंडवाद बढ़ता गया और हम अपने धर्म सद ग्रंथों मैं छुपे हुए गूढ़ रहस्य से अनजान रह गए मगर आज शिक्षित वर्ग के लिए यह बहुत आसान हो गया है सद ग्रंथ हमारे पास है और हम आसानी से पूर्ण परमात्मा की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ताकि हम जहां से बिछड़ कर आए थे पुनः उस सतलोक में जा सके यह तभी संभव है जब पूर्व संत से तत्व ज्ञान प्राप्त हो और सत्य मंत्र लेकर मर्यादा में रहकर सत भक्ति करने से ही हम इस लोक में बुराइयों पाखंडवाद और सामाजिक कुरीतियों से बचकर अपने निजधाम सतलोक जा सकते हैं वर्तमान में एकमात्र संत रामपालजी महाराज ही वह पूर्ण संत हैं सत्संग में आध्यात्मिक ज्ञान की पुस्तक गीता तेरा ज्ञान अमृत ज्ञान गंगा और जीने की राह भी वितरण की गई

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