Uttar Pradesh News : कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर में मत्स्य पालन विषयक पाँच दिवसीय प्रशिक्षण सम्पन्न

रिपोर्टर प्रदीप कुमार वर्मा गोण्डा उत्तर प्रदेश
गोण्डा- आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या के अधीन संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मनकापुर गोंडा में ग्रामीण बेरोजगार युवकों हेतु बायोफ्लॉक तकनीक द्वारा मछली पालन एवं उसका प्रबंधन विषय पर पाँच दिवसीय व्यवसायिक प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण में मछली पालन की आधुनिक तकनीकों को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एस. के. वर्मा ने प्रशिक्षणार्थियों को मत्स्य पालन व्यवसाय अपने का आवाहन किया। उन्होंने बताया कि जनपद में जलाशयों का क्षेत्रफल काफी अधिक है। प्रशिक्षणार्थी मत्स्य पालन कर अपना रोजगार स्थापित कर सकते हैं। प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. ज्ञानदीप गुप्ता ने बताया कि बायोफ्लॉक तकनीक मत्स्य पालन की एक नवीन विधि है, जो पारम्परिक तरीकों की तुलना में कम जल उपयोग में अधिक उत्पादन देती है। यह विधि पानी की गुणवत्ता को बनाए रखते हुए पोषणयुक्त वातावरण प्रदान करती है, जिससे मछलियों की वृद्धि दर बेहतर होती है । डॉ. राम लखन सिंह वरिष्ठ वैज्ञानिक शस्य विज्ञान ने बताया कि “बायोफ्लॉक तकनीक में जैविक फीड का निर्माण एक महत्वपूर्ण पहलू है । समुचित जल प्रबंधन और बैक्टीरिया संतुलन बनाए रखने से मछली की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। डॉ. डी.के. श्रीवास्तव वरिष्ठ वैज्ञानिक पशुपालन ने प्रशिक्षण के दौरान बताया कि बायोफ्लॉक तकनीक न केवल पर्यावरण के प्रति अनुकूल है बल्कि इससे मत्स्य पालकों को न्यूनतम लागत में अधिकतम उत्पादन मिल सकता है । डॉ. डी.के. पांडे ने बताया कि “मत्स्य पालन में सरकारी योजनाओं और सब्सिडी का सही उपयोग कर किसान इस तकनीक से अधिक लाभ कमा सकते हैं। इस प्रशिक्षण में प्रशिक्षणार्थियों ने मत्स्य पालन तकनीक विषयक प्रशिक्षण में उपस्थित रहकर तकनीकी जानकारी प्राप्त की।

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