Jharkhand News : धनबाद में अंधविश्वास की हदें पार, डायन बताकर पांच महिलाओं को घर से निकाला

ब्यूरो चीफ मिथिलेश पांडे धनबाद झारखंड
धनबाद जिले में अंधविश्वास के नाम पर पांच महिलाओं को गांव से बेदखल करने का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित महिलाओं ने मीडिया के सामने अपनी आपबीती सुनाई और आरोप लगाया कि गांव के कुछ लोगों ने ओझा-गुनी के बहकावे में आकर उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। डर के कारण वे अपने परिवार के साथ गांव छोड़ने को मजबूर हो गईं।
महिलाओं का आरोप – घर में घुसकर की गई मारपीट
पीड़ित महिलाओं ने बताया कि कुछ लोगों ने उनके घर में जबरन घुसकर डायन करार दिया, गाली-गलौज की और मारपीट कर गांव छोड़ने की धमकी दी। यही नहीं, आरोपियों ने चेतावनी दी कि अगर वे वापस लौटीं, तो जान से मार दिया जाएगा या मैला खिलाकर प्रताड़ित किया जाएगा। इस डर से महिलाएं अपने गांव लौटने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही हैं।
पुलिस ने 16 लोगों के खिलाफ दर्ज किया केस
टुंडी थाना प्रभारी उमाशंकर के अनुसार, महिलाओं की शिकायत पर 16 आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। पुलिस ने भरोसा दिया कि यदि पीड़ितों को किसी तरह की परेशानी होती है, तो वे थाने से संपर्क कर सकती हैं।
न्याय और सुरक्षा की गुहार
पीड़ित महिलाओं ने जिला प्रशासन और सरकार से न्याय और सुरक्षा की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन उन्हें सुरक्षा नहीं देता, वे गांव वापस नहीं लौटेंगी।
विधायक जयराम महतो ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
इस मामले पर डुमरी विधायक जयराम महतो ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया 21वीं सदी में आगे बढ़ रही है, लेकिन टुंडी में आज भी महिलाएं अंधविश्वास का शिकार हो रही हैं। यह बेहद शर्मनाक है। पुलिस प्रशासन को इस मामले में सख्त कदम उठाने चाहिए।”
अंधविश्वास के खिलाफ सख्त कदम की जरूरत
झारखंड में डायन प्रथा के नाम पर प्रताड़ना के मामले समय-समय पर सामने आते रहते हैं। सरकार और प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत है, ताकि महिलाओं को इस तरह की अमानवीय यातनाओं से बचाया जा सके।
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