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Uttarakhand News रामनगर में बौर से लकदक हुए आम-लीची के बागान, खिल खिला उठे किसानों के चेहरे

रिपोर्टर कपिल सक्सैना जिला नैनीताल उत्तराखंड

पिछली बार रामनगर में आंधी तूफान ने भारी तबाही मचाई थी. जिससे आम और लीची की फसल तबाह हो गई थी. लेकिन इस बार आम और लीची में अच्छे बौर आने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं. किसानों का कहना है कि यदि मौसम ने साथ दे दिया तो इस बार आम और लीची से वो अच्छा मुनाफा कमाएंगे.

रामनगर: नैनीताल जनपद का रामनगर क्षेत्र आम और लीची के लिए भी जाना जाता है. इस बार आम और लीची के बागान बौर से लकदक हैं. इस बार 30 हजार मीट्रिक टन आम का उत्पादन व 6 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा लीची के उत्पादन की उम्मीद है. जिससे किसानों के चेहरे पर खुशी साफ देखी जा सकती है.

आम और लीची में आया अच्छा बौर: बता दें कि इस बार रामनगर, कालाढूंगी क्षेत्र में आम, लीची के बागान बौर से लकदक हैं. इससे किसानों के चेहरे खिले हुए हैं. साथ ही बेमौसम आंधी तूफान और ओलावृष्टि का डर भी किसानों को सता रहा है. रामनगर और कालाढूंगी क्षेत्र में लगभग 900 हेक्टेयर में लीची और 850 हेक्टेयर क्षेत्र में आम की पैदावार होती है. वहीं इस बार दोनों में अच्छा बौर आने से किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद है. रामनगर व कालाढूंगी क्षेत्र की आम व लीची की मिठास विदेशों तक पहुंचती है. यहां के आम व लीची मुंबई, दिल्ली, लखनऊ आदि देश के शहरों के साथ ही विदेशों में भी सप्लाई होती है. वहीं इस बार पेड़ों पर अच्छा बौर आने से किसानों को काफी उम्मीदें हैं.

क्या कह रहे किसान: किसान चंद्रशेखर कहते हैं कि इस बार उनके फलों का बगीचा बौर से लकदक है. पिछली बार आंधी तूफान और ओले गिरने से पैदावार को काफी नुकसान पहुंचाया था. लेकिन इस बार अगर सब सही रहा तो अच्छे मुनाफे की उम्मीद है. वहीं बगीचे के ठेकेदार मोहम्मद आसिफ कहते है कि बाकी वर्षों के मुकाबले इस बार अच्छा बौर आया हुआ है और अच्छे पैदावार की उम्मीद है. उन्होंने कहा कि आंधी तूफान और ओलों की मार न पड़े तो उनको अच्छा मुनाफा होगा.

उद्यान विभाग के अधिकारी ने क्या कहा: उद्यान विभाग के प्रभारी अर्जुन सिंह परवाल ने बताया कि पिछले वर्षों के मुकाबले इस वर्ष आम और लीची की अच्छी पैदावार की अपेक्षा की जा रही है. पिछले कुछ वर्षों से जो किसान आम और लीची में नुकसान झेल रहे थे उन किसानों को उम्मीद है कि वो इस बार फसलों से अच्छा मुनाफा कमाएंगे. उद्यान प्रभारी ने बताया कि इस क्षेत्र में लीची 900 हेक्टेयर और आम 850 हेक्टयर भूमि पर है. उन्होंने आगे कहा कि आम लीची में बौर बहुत अच्छा आया हुआ है, जिससे उम्मीद जताई जाती है कि 30 हजार मीट्रिक टन से ज्यादा आम का उत्पादन व लीची का 6 हजार मीट्रिक टन उत्पादन होने की उम्मीद है.

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