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Rajasthan News धुमधाम व हर्षोल्लास के साथ मना होलिका दहन का पर्व

कस्बे के दिल्ली दरवाजा स्थित पॉवर हाऊस के पास डेढ़ सदी पुरानी मुख्य होली का दहन

रिपोर्टर आशीष मित्तल कोटपुतली जयपुर राजस्थान

मुख्य यजमान पटेल परिवार की और से युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव भीम पटेल ने विधि विधान से की पूजा अर्चना

प्रतिवर्ष की भांति क्षेत्र में दो दिवसीय होली का पर्व का आगाज सोमवार को बड़े ही धुमधाम व हर्षोल्लास के साथ किया गया। जिसकी शुरुआत होलिका दहन के पर्व के साथ हुई। परम्परा अनुसार कस्बे के दिल्ली दरवाजा स्थित पॉवर हाऊस के पास यहाँ की करीब 150 वर्ष से चली आ रही परम्परा के अनुसार मुख्य होली का दहन पटेल परिवार के द्वारा किया गया। जहाँ प्रतिवर्ष की भाँति मुख्य यजमान पटेल परिवार की और से युवा कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महासचिव भीम पटेल, राज व अमन पटेल द्वारा विधि विधान से पं. मोहन लाल मिश्रा द्वारा वेद मंत्रोच्चार के साथ पूजा पाठ कर होली का दहन किया गया। जिसके बाद आमजन ने होली में गेंहू की बालियां सेकी। इस दौरान भाजपा विधानसभा प्रभारी मुकेश गोयल, पार्षद मनोज गौड़, सुभाष माथुर समेत बड़ी संख्या में आमजन मौजूद थे। इसके बाद लोगों ने एक दूसरे के गले लगकर होली की बधाई दी। साथ ही छोटो ने बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद भी लिया। युंका नेता भीम पटेल ने अपने संबोधन में क्षेत्रवासियों को होली की बधाई देते आपसी सौहार्द व भाईचारे के साथ होली मनाने की बात कही। साथ ही युवाओं को धुलण्डी पर्व पर नशे से दूर रहने का संदेश दिया। वहीं भाजपा नेता मुकेश गोयल ने भी होली की शुभकामनाएं प्रेषित की। वहीं कस्बे के कृष्णा टॉकिज के पास, आजाद चौक स्थित होली, मौहल्ला बड़ाबास, मोहल्ला बुचाहेड़ा, अवध बिहारी मंदिर सहित विभिन्न स्थानों की होली का दहन भी किया गया। मंगलवार को रंगों का पर्व धुलंडी मनाया जाएगा।150 वर्ष से अधिक पूरानी है कोटपूतली की मुख्य होली:- उल्लेखनीय है कि कस्बे की पॉवर हाऊस स्थित मुख्य होली करीब 150 वर्ष पूरानी है। जिसका दहन पटेल परिवार द्वारा किया जाता है। रियासतकालीन समय में खेतड़ी रियासत द्वारा कोटपूतली क्षेत्र में 120 गाँवों पर पटेल परिवार की नियुक्ति की गई थी। जिसके बाद से ही पटेल परिवार के पूर्वज मोतीलाल पटेल द्वारा होली का दहन की परम्परा शुरू की गई। जिसे पटेल परिवार द्वारा निरन्तर निभाया जा रहा है। उक्त होली यहाँ हिन्दू मुस्लिम के साम्प्रदायिक सौहार्द, आपसी प्रेम व भाईचारे की भी अद्भुत मिशाल है। जिसका दहन यहाँ की नूरी मस्जिद के सामने होता है। साथ ही होलिका दहन में भक्त प्रह्लाद को बचाने के बाद मस्जिद परिसर में स्थित एक पुरातन कुएं में उसे डाला जाता है। होलिका दहन के पर्व में मुस्लिम बंधु भी उत्साह के साथ भाग लेते हैं। आशीष मित्तल कोटपुतली 9929350280

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