
रिपोर्टर दीपक कुमार मुज़फ़्फ़रपुर बिहार
नशा त्याग कर असत्य पर सत्य की जीत और अधर्म पर धर्म की जीत पर मनाए जाने वाले महापर्व को होली मेे ना करे कोई सत्य कानून नियम विधि विधान विरूद्ध कोई हरकत । कर्म का फल भोगना पड़ता है कर्ता को।
मुज़फ़्फ़रपुर । बिहार में प्रसिद्ध कथावचक शिव अंश सिद्धि प्राप्त श्री महाकाल जी आंनद दीपक जी महाराज का होली पर्व को खुद का और समाज का ख्याल रखते हुए मनाए जाने का संदेश भरा पत्र वायरल हो रहा है । यह पत्र केवल बिहार मेे ही नहीं यह बिहार के अलावा अन्य राज्य में भी वायरल हो रहा है ,यह अपीलीय पत्र है जो शांति और अच्छाई का संदेश दे रहा है । यह पत्र काफी पुराना है यह वर्षों से होली के समय ही वायरल होता है । जीवन में कभी भी नियम विधि विधान कानून विरूद्ध कार्रवाई नहीं करना चाहिए अन्यथा मानव जीवन असफल हो जाता है । होली पर्व अवगुण को दूर कर गुण को अपनाए जाने और असत्य को त्याग को सत्य की ओर बढ़ने की संकल्प लेने का महापर्व है । यह हिन्दू धर्म अनुसार भक्त प्रहलाद और श्री विष्णु और होलिका का कार्य कर्म पर आधारित महापर्व है।
प्रहलाद का पिता भगवान को ना मानने की दबाव प्रहलाद पर डालते थे ,मगर प्रहलाद ने वास्तविक दिखाया और निर्जीव खमंबे से श्री विष्णु नृसिंह बन का प्रकट हुए और प्रहलाद पर हुए अत्याचार के परिणाम स्वरूप उसके पिता की बध किय ,प्रहलाद श्री विष्णु का परम भक्त हुए जिन्हें जलाने को लेकर होलिका आ ग में बैठ गई मगर प्रहलाद बच गया होलिका जल गई । उसी समय से होलिका दहन और खुशी में होली पर्व मनाए जाते है । यह आस्था निष्ठा पवित्रता सत्य संकल्प त्याग का महापर्व है ,इसमें कोई भी कुरीति अव्व्यवस्था घातक है । इसके केवल कल्याणकारी कार्य और भक्ति का वास्तविक मार्ग ही उत्तम है उसी से मानव जीवन सफल हो सकता है । इस होली महापर्व पर अच्छाई और बेहतर कार्य किए जाने का संकल्प ले ,ताकि जीवन सफल हो और कोई मुश्किल ना अा सके । होली महापर्व को नियम विधि विधान कानून अनुसार मनाए ,किसी वेद किसी पुराण किसी शास्त्र मेे यह नहीं बताए गय है कि होली मेे कोई नशा करे या डीजे बजाय या मांस भक्छन करे , यह सब काफी घातक है । इन सब से को बचाता है जो बचता है उसी और भगवान का कृपा प्राप्त होता है ।



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