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Gujarat News रखियाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र गंदगी का साम्राज्य है।

पीने के पानी के फिल्टर मे हरियाली छा गई। अस्पताल के डॉक्टरों ने मरीजों का तमाशा बना कर रख दिया।

रिपोर्टर नागजीभाई एस बरोट गांधीनगर गुजरात

सामूहिक स्वास्थ्य केंद्र प्रवेश द्वार पर शराब की खाली बोतलें आपका स्वागत करती हैं

गांधीनगर जिला दहेगाम तहसील में रखियाल गांव में करोड़ों रुपये की लागत से बना रखियाल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र एक सोनेरी आभूषण की तरह नजर आ रहा है. सरकारी अस्पताल ने दर्दियो के लिए तमाशा बना कर रख दिया । यहां के स्वास्थ्य केंद्र के प्रवेश द्वार मे शराब की खाली बोतलें देखने को मिल रही है । डॉक्टरों की लापरवाही से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र प्रदूषित हो रहा है वहीं मच्छरों का महेल बन रहा है माने जाने वाले अस्पताल के पिछले हिस्से में पानी के तालाब देखे जा रहे हैं, जिसे वीडियो में भी देखा जा सकता है. यहां लगता है कि यह सब लापरवाही डॉक्टर की है क्योंकि अस्पताल के पीछे झील मे इतना पानी भरा है तो रखियाल गांव में कितनी झीलें भरी होगी इसका अंदाजा नहीं लगाया जा सकता. ऐसे तमाम तालाबों को देखकर लगता है कि यह साजिश डॉक्टरों को महामारी फैलने के लिए रची जा रही है और जनता में यह अफवाह सुनाई दे रही है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टर खुद ही महामारी का प्रकोप फेलाने की कोशिश कर रहें है। रखियाला सरकारी स्वास्थ्य केंद्र में मरीजों के लिए राम भरोसे काम चल रहा है । छोटी से छोटी बीमारी के लिए गांधीनगर रेफर कर दिया जाता है । अगर किसी को कुत्ते ने काट लिया तो इतने बड़े अस्पताल में कुत्ते काटने के बाद जो टीका लगाया जाता है वही टीका मिल नहीं सकता। अगर किसी को शुगर हो गया तो शुगर चेक करने वाली सुई भी यह हॉस्पिटल में नहीं है । तो फिर सरकार द्वारा बनाई गई इतनी बड़ी हॉस्पिटल में डॉक्टर और कर्मचारियों की तनखा देखकर सरकार बहुत बड़ी गलती कर रही है । रखियाल सरकारी अस्पताल में डॉक्टरों को कोई ना कोई भ्रष्टाचार करने के लिए बिठाए गए हैं ,जैसी चर्चाएं गांव लोगों के मुंह से सुनने को मिल रही है। यहां पर जो मरीज आते हैं उनके साथ अस्पताल के कर्मचारी ऐसा व्यवहार करते हैं जैसे कोई अपनी जातीय दुश्मनी निकाल रहा हो। क्योंकि किसी भी उम्र के बुजुर्ग यहां के कर्मचारी तमीज से बात नहीं करते डॉक्टर से भी ज्यादा डॉक्टरों का स्टाफ मरीजों और मरीजों के साथ आए हुए सदस्य को परेशान कर देता है । हॉस्पिटल का वेस्ट जो भी होता है उसको ढंग से रखा नहीं जाता जीसकी वजसे यहां पर खून वाली पाटा पिंडी की हुई पटिया कुत्ते खींचते रहते हैं अस्पताल के पीछे के तालाब के पानी में हजारों मच्छर गुनगुना रहे हैं। यही मच्छर अगर दर्दी को काट लेगा तो मलेरिया का मरीज बन जाएगा । गांव के गरीब सरकारी अस्पताल में डॉक्टर के पास ठीक होने की गुजारिश लेकर आते हैं, लेकिन रखियाल सरकारी अस्पताल यही गरीबों को अस्पताल के पीछे तलाब के मच्छरों से मलेरिया या अन्य बीमारी का शिकार बनवा देगा ।

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