Madhya Pradesh News मोटे अनाज एवं जैविक कृषि पर दिया प्रशिक्षण जैविक खेती की करने के लिए लगाई कार्यशाला

रिपोर्टर दीपक गाडरे छिंदवाड़ा मध्य प्रदेश
मोहखेड:- स्वयंसेवी संस्था वीणा एजुकेशन एंड डेवलपमेंट सोसाइटी के द्वारा ग्राम पिपरिया वन ग्राम में मोटे अनाजों को दो कुटकी कंगनी मक्का ज्वार के महत्व बताया गया जैविक कृषि एवं जीवन शैली प्रशिक्षक राजेश कुमार धारे द्वारा मोटे अनाज व जैविक कृषि प्रकाश डालते हुए बताया गया की गेहूं एवं चावल से अधिक फाइबर एवं कैलोरी मोटे अनाज के अंदर पाई जाती है एवं वर्तमान समय में हो रही विभिन्न प्रकार की बीमारियों का कारण गेहूं एवं चावल है जो की हमारे आदिवासी क्षेत्रों में कुछ ही वर्षों से उपयोग प्रारंभ किया गया इसके पहले आदिवासी भाई मोटे अनाजों का उपयोग करते थे एवं पूरे जीवन भर निरोग रहकर बहुत अच्छा जीवन यापन करते थे किंतु जब से हमने गेहूं चावल का अपनी दिनचर्या में प्रतिदिन उपयोग करना चालू किया तब से विभिन्न प्रकार की बीमारियां जैसे रक्तचाप का बढ़ना या घटना अधिकतर गांवों में भी होने लगी है। इन सभी से बचने के लिए हमें फिर से उन मोटे अनाजों की ओर ही जाना होगा।

जैविक खेती वर्तमान समय की बहुत ही आवश्यकता हो गई है। विभिन्न वैज्ञानिक अनुसंधानों में पाया गया की हरित क्रांति के बाद से उपयोग किया जा रहे हैं। रासायनिक खाद यूरिया डीएपी एवं अन्य के कारण मानव जीवन पर विपरीत असर पड़ रहा है। शासन के द्वारा भी अब जैविक कृषि को प्रमोट किया जा रहा है जैविक कृषि से उत्पादित अनाज हमारे जीवन के लिए बहुत ही लाभदायक है यह बीमारियों को काम करते हैं। आज कैंसर जैसी भयानक बीमारी जिसके पीछे रासायनिक खाद एवं रासायनिक दवाएं हैं गांव में भी घातक रूप से होने लगी है इन सभी विषयों को लेकर ग्राम पंचायत भवारी के ग्राम वनग्राम पिपरिया में कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें जैविक कृषि और मोटे अनाजों मिलेट्स कि भविष्य की संभावनाओं एवं उनके लाभ के विषय में बताया गया ।
“जीवों जीवस्य जीवनम” जैविक/ प्राकृतिक खेती जीवों जीवश्य जीवनम के सिद्धांत पर खेती के अधिकतर कार्य जीवाणुओं के द्वारा ही नैसर्गिक रूप से करवाएं जाते है इसलिए मिट्टी में जीवानुओं की संख्या बढ़ाए जाने के प्रयास किए जाने चाहिए । बैठक के दौरान किसानों को जैविक खेती में ऊर्जा विज्ञान के प्रयोग कर उर्जा के प्रभावों का खेती मे पड़ने वाले प्रभावों की जानकारी दी। जैविक ग्राम बनाने पर चर्चा की गई। आगामी समय में जैविक कृषि कार्यशाला का आयोजन कर अधिक से अधिक लोगों को इस मुहिम में जोड़ा जाएगा।
इस कार्यक्रम में ग्राम के सरपंच प्रेमलाल शीलू , एमएसडब्ल्यू विद्यार्थी राजेश शीलू हिरेलाल वटके, राम प्रसाद ढीकू हीरालाल शीलू सावित्री टेकाम सरिता ढीकुपरशुराम सातनकर, रमेश ढीकू श्यामवती ढीकु जग्गो वाडिवा एवं ग्रामवासी सम्मिलित हुए।

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