Madhya Pradesh News जिला अनूपपुर के कोतमा मैं स्वास्थ्य अधिकारियों के भारी लापरवाही , बगैर कार्यवाही के , 32 साल के लंबे अंतराल के बाद भी मिलजुल कर, फर्जी बंगाली डॉक्टर महादेव चंद्र विश्वास द्वारा चलाई जा रही है फर्जी क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग द्वारा आज तक क्यों नहीं की गई इस पर कानूनी कार्यवाही,

रिपोर्टर सूर्यकान्त मिश्रा अनूपपुर मध्य प्रदेश
32 वर्षों के लंबे अरसे से बगैर जिला स्वास्थ्य विभाग कार्यवाही के , निर्भीक होकर झोलाछाप बंगाली फर्जी डॉक्टर महादेव चंद्र विश्वास का कोतमा में चलाई जा रही होम्योपैथिक दवाखाना की डिग्री प्राप्त करके अंग्रेजी दवा से हर बीमारी का इलाज करते हुए अवैध बनाई हुई क्लिनिक , क्या जिला स्वास्थ्य विभाग अधिकारी अनूपपुर की पुरी सहमति पर चल रही है यह क्लीनिक ” जिला स्वास्थ्य अधिकारी अनूपपुर को राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन द्वारा जिला के जनता के स्वास्थ्य हित में पत्र लिखकर संपूर्ण जिले में चल रही फर्जी बंगाली डॉक्टर की अवैध क्लिनिक पर कार्यवाही करने के लिए लिखित शिकायत पत्र दिया गया था’ , जिस पर कई महीने बीतने के बाद दूसरी बार पत्र देकर भी कार्यवाही करने हेतु अनूपपुर जिला मानवाधिकार के जिला उपाध्यक्ष के द्वारा जिला स्वास्थ्य अधिकारी से आग्रह किया गया ,परंतु कई महीने के अंतराल बाद भी जिला स्वास्थ्य अधिकारी अनूपपुर के द्वारा फर्जी बंगाली झोलाछाप डॉक्टर पर कोई भी कार्यवाही नहीं की गई ,अनूपपुर जिला में कितने वर्षों के अंतराल के बाद स्वास्थ्य अधिकारी के द्वारा इन अवैध संचालित बंगाली डॉक्टर की क्लीनिक पर कोई भी कार्यवाही नहीं की जा रही है जिससे जिले के जनमानस जनता को बगैर डिग्री प्राप्त डॉक्टरों की इलाज के दुष्परिणामों से मर जाने को विवश किया जा रहा है ,शिकायत करने पर उनके द्वारा कहा जाता है कि हम लोग जब छापे मार कार्रवाई करने जाते हैं तो पहुंचने से पहले ही लोगों को पूरा पता हो जाता है जिससे लोग क्लीनिक बंद करके भाग जाते हैं अब ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के ही जानकारी देने अथवा संरक्षण पर क्या फर्जी डॉक्टरों की क्लीनिक चलाई जा रही है ,जब जिला अनूपपुर के स्वास्थ्य अधिकारी को लिखित शिकायत के बाद भी इन फर्जी डॉक्टरों के ऊपर कार्यवाही नहीं किया गया तब कोतमा में संचालित इस डॉक्टर की क्लीनिक पर जाकर मीडिया के माध्यम से पड़ताल करते हुए मानवाधिकार संगठन जिला उपाध्यक्ष के द्वारा डॉक्टर से जानकारी मांगी गई तथा मीडिया के माध्यम से वीडियो ग्राफी कराई गई तब इसका पूरा क्लिनिक अंग्रेजी दवा से भरा हुआ मरीज का सभी बीमारियों का इलाज करते हुए काफी मरीज का भीड़ भाड़ पाया गया, अनूपपुर जिले में फर्जी डॉक्टरों का अधिकता होने से तथा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का कार्यवाही न होने से जिले में अनेक लोगों की इनके द्वारा सही इलाज न करने से स्वास्थ्य खराब होते हुए मृत्यु हो जाती है यह जिला आदिवासी का अधिकता वाला जिला है यहां के भोले वाले कम पढ़े-लिखे आदिवासी जनता इनको कुशल डॉक्टर समझ कर इलाज करवाते है इसके गंभीर परिणाम इनको मिलता है अब ऐसे में उनके स्वास्थ्य संबंधी रक्षा सुरक्षा की दायित्व जिले पर किन की है अब सवाल यह उठता है अनेक वर्षों से ऐसे अवैध क्लिनिक क्यों चलाई जा रहे हैं क्या स्वास्थ्य विभाग आंख बंद करके नजर अंदाज करते हुए अपनी पूरी सहमति से इन अवैध क्लिनिको को चलवा रही है यदि नहीं तो फिर लंबे अरसे के बाद भी ऐसे अवैध क्लिनिक जिले में संचालित क्यों है इस पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी क्या कार्यवाही इनके ऊपर अब कर सकते हैं यह प्रश्न चिन्ह है? इनका कहना है “
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