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Chhattisgarh News गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के तीन स्कूल बनेंगे ‘स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय’, शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान

छत्तीसगढ़ के 108 स्कूलों को मिलेगा उत्कृष्ट का दर्जा, सकोला-सेमरदरी-कोरजा स्कूल शामिल

ब्यूरोचीफ राकेश कुमार साहू जांजगीर-चांपा छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता को नई ऊंचाई देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के 108 शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को अब “स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय” के रूप में विकसित किया जाएगा। इस सूची में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के तीन प्रतिष्ठित स्कूलों को भी शामिल किया गया है, जिससे पूरे जिले में खुशी की लहर है। गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा जिले से जिन स्कूलों का चयन किया गया है उनमें शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सकोला, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेमरदरी और शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोरजा शामिल हैं। ये तीनों स्कूल अब हिंदी माध्यम के उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में जाने जाएंगे। गौरतलब है कि ये योजना स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालयों की तर्ज पर शुरू की गई है, ताकि हिंदी माध्यम में पढ़ने वाले बच्चों को भी विश्वस्तरीय सुविधाएं मिल सकें।

क्या होंगे बदलाव? जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी के अनुसार, स्वामी विवेकानंद उत्कृष्ट विद्यालय बनने के बाद इन स्कूलों की सूरत पूरी तरह बदल जाएगी। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक विज्ञान प्रयोगशाला, समृद्ध पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब की स्थापना की जाएगी। पढ़ाई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के 5+3+3+4 ढांचे के अनुसार होगी और प्रत्येक विषय के लिए विशेषज्ञ शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी। इसके अलावा खेलकूद, कला, संगीत और कौशल विकास जैसी सह-पाठयक्रम गतिविधियों पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि बच्चों का सर्वांगीण विकास हो सके। जिले के लिए क्यों खास है ये फैसला? गौरेला-पेंड्रा-मरवाही एक आदिवासी-बहुल जिला है। यहाँ के दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के बच्चों को अब गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए शहरों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। सकोला, सेमरदरी और कोरजा के इन स्कूलों के उन्नयन से आसपास के सैकड़ों गांवों के बच्चों को सीधा लाभ मिलेगा। शिक्षा विभाग का मानना है कि स्वामी विवेकानंद के चरित्र निर्माण और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों पर आधारित शिक्षा से इन स्कूलों से निकलने वाले विद्यार्थी न केवल पढ़ाई में अव्वल होंगे, बल्कि एक जिम्मेदार नागरिक भी बनेंगे। जिला शिक्षा अधिकारी रजनीश तिवारी ने बताया कि कलेक्टर संतोष देवांगन के मार्गदर्शन में जल्द ही इन स्कूलों में अधोसंरचना विकास का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। अभिभावकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने शासन के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे जिले के लिए गौरव का क्षण बताया है।

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