उत्तरप्रदेशब्रेकिंग न्यूज़मनोरंजन

Uttar Pradesh News  नवरात्र के चौथे दिन देवी कुष्मांडा की आराधना, मां के दरबार में लगी भक्तों की कतार, गूंज रही जय-जयकार

रिपोर्टर विवेक सिन्हा वाराणसी उत्तर प्रदेश

वाराणसी  नवरात्र के चौथे दिन देवी कुष्मांडा के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। ऐसे में दुर्गाकुंड स्थित देवी मंदिर में भोर से ही भक्तों की कतार लगी है। लोग विधिविधान से मां के दर्शन-पूजन कर घर-परिवार के सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मांग रहे हैं। चहुंओर देवी की जय-जयकार गूंज रही है। मां भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं। वाराणसी के दुर्गाकुंड इलाके में कुष्मांडा का भव्य और अति प्राचीन मंदिर स्थित है। मंगला आरती के बाद जब पट खोले गए तो सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु कतारबद्ध खड़े थे। माता का दरबार इस समय कूष्मांडा के जयकारे से गूंज रहा है। भक्त माता को गुड़हल का फूल और चुनरी के साथ नारियल चढ़ा रहे हैं। पौराणिक मान्यता है की जब सृष्टि नहीं थी, उस समय देवी भगवती के रूप कूष्मांडा ने सृष्टि का विस्तार किया था। इसलिए माता कुष्मांडा को प्रकृति और पर्यावरण की अधिष्ठात्री देवी माना जाता है। काशी के दुर्गाकुंड में स्थित माता कुष्मांडा के मंदिर का उल्लेख ‘काशी खंड’ में भी है। इसका जीर्णोद्वार 17वीं शताब्दी में रानी भवानी ने करवाया था। लाल पत्थरों से नागर शैली में बने इस मंदिर के एक तरफ कुंड है। मंदिर के समीप ही बाबा भैरोनाथ और लक्ष्मी, सरस्वती व मां काली की मूर्तियां स्थापित हैं। इस मंदिर के अंदर एक विशाल हवन कुंड है

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button