ब्रेकिंग न्यूज़मध्यप्रदेशराज्य

Madhya Pradesh News 5 किलो मीटर सडक मे शर्मसार होती रही इंसानियत,सरपंच की सास को नसीब नहीं हुआ शव वाहन, रिक्शे से ले जाना व लाना पड़ा शव, मामला बुढ़ार से सटे ग्राम चीटूहला का 

रिपोर्टर रईश मोहम्मद शहडोल मध्य प्रदेश

शहडोल  स्वतंत्रता दिवस की खुशियों के बीच जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र मे इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक तशवीर सामने आई है। जहाँ शव वाहन व एम्बुलेंस नहीं मिलने के बाद एक बेटे को अपनी माँ की लाश मालवाहक रिक्शे मे घर ले जानी पड़ी। सबसे आश्चर्य की बात तो यह हैं कि जिस महिला की लाश घर से अस्पताल व फिर अस्पताल से घर तक बीच सडक रिक्शे से लाई व ले जाई गयी, वह उस गाँव के सरपंच की सास थी। जानकारी के अनुसार बुढ़ार मुख्यालय से मजहब 4 से 5 किलो मीटर दूरी पर ग्राम पंचायत चीटूहला हैं।जहाँ की सरपंच छोटी बाई कोल पति कैलाश कोल की सास दुलारीया कोल पति स्व. घूरवा कोल की बीते रात्रि घर मे स्थित कुएँ मे गिरने से मौत हो गयी थी। जिसकी सूचना परिजनों द्वारा बुढ़ार थाना पुलिस को दी गयी। शव को बाहर निकलवाकर कागजी कार्यवाही के बाद शव को पोस्ट मार्टम के लिए अस्पताल भिजवाने की जिम्मेदारी पुलिस की होती हैं। लेकिन संबंधित थाने की पुलिस ने परिजनों को शव अस्पताल लाने की बात कहकर अपने कर्तव्यों से इतिश्री कर ली। जानकारी के अनुसार इसके बाद मृतिका के परिजनों द्वारा बुढ़ार अस्पताल से एम्बुलेंस व शव वाहन गाँव भेजनें के लिए सम्पर्क किया लेकिन वहां नहीं मिला। जिसके बाद मृतिका के पुत्र ( सरपंच पति ) व एक अन्य लोग शव को मालवाहक रिक्शे मे रखकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बुढ़ार लेकर आए।

इस दौरान घर से अस्पताल तक पांच किलोमीटर तक मुख्य मार्ग मे इंसानियत शर्मसार होते रही। इसके बाद पोस्ट मार्टम के बाद फिर से शव को रिक्शे मे ले जाना पड़ा क्योकि अब भी न तो पुलिस ने और न ही अस्पताल के जिम्मेदारो ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। इस दृश्य ने सरकार के उस दावे की पोल खोलकर रख दी हैं जिसमे गांव के अंतिम छोर तक विकास का दम भरा जाता हैं। शहर से सटे गाँव व एक जनप्रतिनिधि (सरपंच )के घर के लोगो को जब एक शव वाहन नसीब नहीं हुआ तो फिर दूर दराज के गाँवों मे क्या सुविधाई मिल रही होंगी इसका अंदाज स्वयं लगाया जा सकता हैं। बुढार अस्पताल से नगर होकर गुजरता यह दृश्य लोगों ने अपने मोबाइल कैमरे में तो कैद किया लेकिन इंसानियत लोगों की नहीं जागी और उसकी मदद करने कोई आगे भी नहीं आया।

ChatGPT Image Jun 19, 2026, 03_57_34 PM

Related Articles

Back to top button