शिक्षकों की कमी से लेकर 334 अभ्यर्थियों की नियुक्ति तक, राज सिन्हा ने विधानसभा में उठाए शिक्षा के मुद्दे
👉 +2 स्कूलों में पद सृजन, B.Ed शिक्षकों के अधिकार और फीस विसंगति दूर करने की मांग
रांची/धनबाद, 11 अगस्त।धनबाद विधायक सह झारखंड विधानसभा के सचेतक राज सिन्हा ने मानसून सत्र के दौरान राज्य की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई लंबित मामलों को विधानसभा में उठाया। उन्होंने सरकार से शिक्षकों के रिक्त पदों पर नियुक्ति, लंबित अभ्यर्थियों की बहाली और B.Ed शिक्षकों व विद्यार्थियों से जुड़ी समस्याओं के समाधान की मांग की।
राज सिन्हा ने कहा कि कई उच्च विद्यालयों को +2 में उत्क्रमित कर दिया गया है, लेकिन उसके अनुरूप विषयवार शिक्षकों के पदों का सृजन और नियुक्ति नहीं होने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने उत्क्रमित विद्यालयों में आवश्यकतानुसार शिक्षक पद सृजित कर शीघ्र नियुक्ति एवं पदस्थापन की मांग की।
👉334 अभ्यर्थियों की नियुक्ति जल्द करने की मांग
विधायक ने वर्ष 2023 की स्नातकोत्तर प्रशिक्षित शिक्षक प्रतियोगिता परीक्षा के 334 अभ्यर्थियों का प्रमाण-पत्र सत्यापन पूरा होने के बावजूद नियुक्ति लंबित रहने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने सरकार से चयन प्रक्रिया पूरी कर योग्य अभ्यर्थियों को जल्द नियुक्ति पत्र देने की मांग की।
👉B.Ed शिक्षकों और विद्यार्थियों के मुद्दे भी उठाए
राज सिन्हा ने विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय के अंतर्गत B.Ed कॉलेजों के शिक्षकों एवं शिक्षकेतर कर्मचारियों के वेतन, EPF और सेवा सुविधाओं में व्याप्त विसंगतियों को दूर करने की मांग की। साथ ही विभिन्न विश्वविद्यालयों में B.Ed पाठ्यक्रम की फीस में अंतर को समाप्त कर समान एवं तर्कसंगत शुल्क व्यवस्था लागू करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था केवल विद्यालयों के उन्नयन से नहीं सुधरेगी, बल्कि पर्याप्त शिक्षक, समय पर नियुक्ति और विद्यार्थियों व शिक्षकों के अधिकारों की सुरक्षा भी जरूरी है। सरकार को लंबित नियुक्तियों और पद सृजन की प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी करनी चाहिए।
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