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Chhattisgarh News किसान स्कूल: साग-भाजी व फल-फूल के रेशे से किसान स्कूल में बन रहीं राखियां, लोगों को खूब पसंद आने लगी बिहान समूह की हर्बल राखियां

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

जांजगीर देश का पहला किसान स्कूल बहेराडीह, जहाँ पर बिहान की महिलाएं साग भाजी, फल फूल और क़ृषि अवशेष से रंग बिरंगी आकर्षक हर्बल राखिया बना रहीं हैं। यह राखी लोगों को खूब पसंद आ रहीं है। वहीं देश के कई राज्यों से राखिया का सप्लाई का ऑर्डर मिलने लगा है। सप्ताहभर पहले महाराष्ट्र प्रदेश के सोलापुर जिले के महिलाओ ने किसान स्कूल आकर पांच सौ रूपये की राखिया खरीदी है, वहीं शिक्षा विभाग समेत अन्य विभागों के अधिकारी नियमित रूप से यहाँ पर आकर हर्बल राखी खरीद रहें हैं। पिछले माह 20 जुलाई को यहाँ पर कलेक्टर ऋचा प्रकाश चौधरी भी पहुंची थीं। उन्होंने राखी बनाने वाली बिहान के महिलाओ से मुलाक़ात कर आजीविका मिशन के कार्यों की प्रशंसा करते हुये प्रशासन की ओर से हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। वरिष्ठ पत्रकार कुंजबिहारी साहू किसान स्कूल बहेराडीह के संचालक दीनदयाल यादव ने बताया कि पिछले दस सालों से यहाँ की महिलाएं किसान स्कूल में साग भाजी व क़ृषि फ़सल अवशेष से रंग बिरंगी आकर्षक हर्बल राखियाँ बनाने का कारोबार कर रहीं हैं। इस कारोबार को बढ़ाने के लिए एनआरएलएम ने बैंक से ऋण भी उपलब्ध कराई है। एडीईओ अरुण कुमार यादव, पीआरपी पुष्पलता ध्रुव व एफएलसीआरपी रेवती यादव ने बताया कि इस समय बलौदा ब्लॉक के कुरदा कलस्टर अंतर्गत नारी शक्ति महिला ग्राम संगठन बहेराडीह से जुड़े गंगे मईय्या स्व सहायता समूह की महिलाएं केला, भिंडी, चेचभाजी, अमारीभाजी, कमल और अलसी आदि के रेशे निकालकर राखी बनाने का काम कर रहीं हैं। समूह के अध्यक्ष लक्ष्मीन यादव, सचिव पुष्पा यादव ने बताया कि साग भाजी, फल फूल और क़ृषि फ़सल अवशेष से राखी बनाकर हमर संगवारी किसान उत्पादक क !

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