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Chhattisgarh News 06 अगस्त  इस वर्ष जब सरकार धान खरीदी करेगी तो किसान और भी खुश होगा, लेकिन राइस मिलरों के चेहरों पर मायूसी होगी।

रिपोर्टर राकेश कुमार साहू जांजगीर चांपा छत्तीसगढ़

रायगढ़  प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने के ऐलान के बाद अब किसान के पास अतिरिक्त धान नहीं बचेगा। राइस मिलरों को धान कहां से मिलेगा। अब तक प्रति एकड़ 15 क्विं. धान खरीदा जाता था। इसलिए किसानों के पास अतिरिक्त धान बच जाता था। राइस मिलर आधी कीमत में बचा हुआ धान खरीदते हैं। अब तक यही चल रहा था जो अब शायद नहीं होगा। कस्टम मिलिंग में धान उठाव के बाद राइस मिलर अपना कारोबार भी समानांतर ढंग से करते हैं सरकारी धान की मिलिंग कर चावल बाहर भेजा जाता है। बाद में बचा हुआ धान और रबी का धान खरीदकर चावल की भरपाई की जाती थी। 2024 में ऐसा नहीं हो पाएगा। सरकार ने इस साल 20 क्विं. प्रति एकड़ खरीदने की घोषणा की है। ढाई हजार रुपए की दर से धान बेचकर किसान को मुनाफा हो रहा है। इसलिए किसान अपने रकबे को खाली नहीं छोड़ेगा। उत्पादन को देखते हुए अनुमान है कि किसान का पूरा धान मंडी में पहुंच जाएगा। राइस मिलर के लिए धान बचेगा ही नहीं। कीमत बढ़नी तय चावल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के कारण सरकार ने गैर बासमती चावल के निर्यात पर पाबंदी लगाई है। 20 क्विंटल धान खरीदने पर किसान के पास धान नहीं बचेगा। इस वजह से रबी के धान की कीमत भी बढ़ती तय है। चावल की कीमतें भी बढ़ेंगी।

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