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Jharkhand News बाघमारा के महिलाओं को 25 km धनबाद नहीं जाना पड़ेगा इसी कठिनाई को देखते हुए

रिपोर्टर राजू अंसारी धनबाद झारखंड

एसएसपी संजीव कुमार ने धनबाद महिला थाना के बाद बाघमारा में दूसरा महिला थाना के स्थापना किया था

बाघमारा महिला थाना खोलने से धनबाद महिला थाना का भी बोझ कम हुआ है, महिला थाना में आम सहमति और काउंसलिंग के जरिए मामले का निपटारा का प्रयास किया जाता, इसके बाद जब बात नहीं बनती तो प्राथमिकी दर्ज की जाती है।

ऐसे में बाघमारा की महिलाएं काफी खुशी महसूस की थी ,लेकिन इन दिनों अगर सूत्रों की माने तो महिलाओं को बाघमारा अनुमंडल के सभी थाना ओपी में महिलाएं अपनी पीड़ा लेकर पहुंचती है ,आखिर इसका वजह क्या है ,क्या महिलाओं को महिला थाना की जानकारी नहीं है कि हमारा समाधान बाघमारा महिला थाना में होगी ,आखिर इन्हें बताएगा कौन , इन्हें समझाएगा कौन ,इन्हें रास्ता कौन दिखाएगा, इन सभी सवालों का जवाब कौन देगा, कहीं-कहीं तो थाने में सुनने को मिलता है कि इन महिला को महिला थाना जाना चाहिए तो क्षेत्रीय थाना में पहुंच गई हैं , यहां तक कि महिला थाना में पहुंचे फरियादियों को जमीन पर बैठे घंटो नजर आते हैं, फरियादियों के लिए समुचित बैठने की जगह नहीं है, जब महिला थाना के स्थापना का न्यू रखा गया था तो कहा गया था कि सभी सुख सुविधा से लैस होगा यह महिला थाना। लेकिन 1 साल बीत चुका है व्यवस्था जस की तस है। आज अगर बात करें तो बाघमारा अनुमंडल के कई ऐसे थाने हैं जो चकाचौंध हैं ,लेकिन महिला थाना अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है

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